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न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर जबरन हो रही नहर की खुदाई










अखिलेश्वर तिवारी 
मंडलायुक्त के आदेश को भी जिम्मेदार नहीं दे रहे तवज्जो
बलरामपुर ।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ योगी भ्रष्टाचार यूपी से समाप्त करने के लिए चाहे जितने दावे कर ले परंतु जनपद बलरामपुर की पुलिस तथा प्रशासन पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है । 






ताजा मामला थाना रेहरा क्षेत्र में बनाई जा रही सरयू नहर से जुड़ा है जहां पर न्यायालय के आदेश के बावजूद नहर का निर्माण कराया जा रहा है तथा न्यायालय व जिला प्रशासन के आदेशों को दरकिनार कर नहर विभाग व पुलिस प्रशासन मिलकर फर्जी तरीके से दो व्यक्तियों द्वारा विवादित जमीन का बैनामा कराने का भी खड़यंत्र करके जमीन की कीमत लाखों रुपए डकार चुके है जिसके आधार पर नहर की खुदाई कराई जा रही है । पीड़ित पक्ष न्याय के लिए भटक रहा है परंतु उसकी कोई सुनने वाला नहीं है ।

                    






जानकारी के अनुसार- तहसील क्षेत्र उतरौला के थाना रेहरा बाजार अंतर्गत ग्राम बढ़या फरीद खां में गाटा संख्या 446  833 960  व 982 लगभग 2.04 एकड़ से अधिक विवादित जमीन जिसकी कीमत एक करोड़ से अधिक है और उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है तथा उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का भी आदेश है ।
इसके बावजूद दबंग किस्म के लोग जगदेव सिंह  व जमीदार सिंह द्वारा  जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम करा कर  सरयू नहर के अधिकारियों की साठगांठ से जमीन को सरयू नहर के नाम  बैनामा कर दिया तथा उसकी रकम लाखों रुपए भी प्राप्त कर ली ।








 पीड़ित पक्ष शिव कुमार सिंह के द्वारा शिकायत के बाद मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल द्वारा आदेश जारी किया गया था की फर्जी तरीके से बेची गई जमीन की पूरी धनराशि सरकारी खाते में जमा कराया जाए और फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए । इसके बावजूद भी ना तो कोई कार्यवाही की गई और ना ही फर्जी तरीके से प्राप्त किए गए रकम को सरकारी कोष में जमा कराया गया  । इस पूरे गोरखधंधे में सरयू नहर विभाग, पुलिस तथा राजस्व विभाग की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है । 





पीड़ित का आरोप है कि उसके जमीन पर जबरन नहर बनाई जा रही है । उसका यह भी कहना है की जमीन की रकम को सरकारी कोष में जमा करा दिया जाए और नाहर बना दी जाए उसे कोई एतराज नहीं है । न्यायालय का फैसला आने के बाद जिसके पक्ष में फैसला होगा उसे रकम दे दिया जाए । पीड़ित पक्ष की मांग तथा उच्चाधिकारियों के आदेश को भी सरयू नहर खंड 2 के अधिकारी नहीं मान रहे हैं और लगातार जबरन नहर बनाने का प्रयास कर रहे हैं  ।






 आज  जेसीबी मशीनों द्वारा  जबरन नहर की खुदाई शुरू कराई गई थी  उसी समय पीड़ित पक्ष के  महिला व पुरुष सभी  जेसीबी के आगे  पहुंचकर काम रोकने के लिए विवश कर दिया । आशंका जताई जा रही है की प्रशासन यदि तत्काल पूरे मामले को संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही नहीं कर रहा है तो कोई अप्रिय घटना भी घटित हो सकती है ।

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