गोंडा:मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर मनकापुर के सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वती पुरम भरहूँ में मकरसंक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक हेडगेवार एवं गुरुमाधव राव जी की पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर बोलते हुए श्री अरविंद जी प्रांतीय शारीरिक संघ ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व हम सब को घुल मिल कर रहने का संदेश देता हैएवं खिचड़ी भोज में सैकड़ो लोगों ने भाग लिया। वहीं स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज में मकरसंक्रांति के अवसर पर साहित्य कारो ने अपनी कविताओं से चार चांद लगा दिया।
जिसकी अध्यछता ईस्वर चंद मेंहदवाली एवं संचालन चंद्रगत भारती ने किया। व्रत की वर्षा साहित्यकारों द्वारा की गई ईश्वर चंदमेंहदवाली ने पढ़ा- कर स्नान ध्यान सखे अब, और करें फिर दान। ईश्वर खिचड़ी पर्व मना, रख कबीर का ध्यान।।आरके (नारद) ने पढ़ा- एक बनो सब भारतवासी, मिलकर खिचड़ी खाओ। आपस का शब भेद भुलाकर, सभी गले मिल जाओ।। राम हौसिला शर्मा ने पढ़ा- आज तो उनकी मुरव्वत में, कमी आई है। लहू की बढ़िया बहाएंगे, कसम खाई है। इसरत सुल्ताना ने कहा- है जश्न नए साल की,सबको बधाईयां। भारत के नैनिहाल की,सबको बधाईयां।। धीरज श्रीवास्तव ने पढ़ा-रिचार्ज बीस कै लायन है, ननकू से भरुआयन है।तब तुहका जायके मिलायन है।नई हर से जल्दी आय जाओ।।चंदगत भारती ने पढ़ा- संभालता रहा हूँ फिसलने से पहले।कदम रुक गएहैं बहकने से पहले।। सतीश आर्य ने पढ़ा- धुंध में डूबकर हर शहर हो रहा।
है धुआँ ही धुआँ हर पहर हो रहा। लोग जितने मिले नागवंशी हुए। था मुझे पता मैं जहर ढो रहा। उमाकांत कुशवाहा ने पढ़ा-मानव मानव एक से, नियम यही है शुद्ध। अपना दीपक खुद बनो, ताते गौतम बुध। राम लखन वर्मा ने पढ़ा-गाय का गोबर शुद्ध है इससे शुद्ध ना कोय। घर आंगन को लीपिए रोग कभी ना हो।।राजेश मिश्रा ने कहा- सुभ मकर संक्रांति में करो कुम्ह स्नान।खिचड़ी बाटो और खिलाओ खूब कीजिये दान।।इसके अलावा राजेश मिश्रा, केदार मिश्रा, उमाशंकर दुबे, आदि ने भी अपनी रचनाएं सुनाई इस अवसर पर जिला प्रचारक श्री आकाश जी, सीताराम, राधेश्याम, जवाहर लाल, रामहौसिल शर्मा, अजयश्रीवास्तव, बड़कन, प्राचार्य रविन्द्र तिवारी आदि सैकड़ों लोगों की भीड़ उपस्थित रही।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ