अखिलेश्वर तिवारी/वेद मिश्रा
व्यापार मंडल से लेकर पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने एसडीएम पर दबाव बनाने की कोशिश
बलरामपुर ।। प्रदेश की योगी सरकार निष्पक्ष एवं न्याय पूर्ण कार्य करने के लिए अधिकारियों को बार-बार निर्देश दे रही है । तमाम अधिकारी इमानदारी पूर्वक कार्य करने का भी प्रयास समय-समय पर करते हैं परंतु उनके जनहित कार्यों में जनप्रतिनिधि बड़े अवरोध के रूप में सामने आ रहे हैं । ताजा मामला बलरामपुर जिला मुख्यालय का है जहां पर एसडीएम सदर कुमार हर्ष द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के विरोध में विपक्ष व सत्ता पक्ष सभी आ गए हैं । व्यापार मंडल से लेकर जनप्रतिनिधि तक एसडीएम पर बेजा दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं । विपक्ष के नेता इसे एसडीएम की तानाशाही करार दे रहे हैं तो वहीं सत्ता पक्ष के नेता आम जनता के साथ साथ व्यापारियों के हित में बीच का रास्ता निकालने की बात कर रहे हैं । कहीं ना कहीं जनहित में किए जा रहे इस कार्य को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है जैसा कि इससे पूर्व के वर्षों में भी होता चला आया है । आज सपा बसपा गठबंधन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियाान के विरोध में बाजार बंद का आवाहन किया गया था । सुबह समाजवादी पार्टी के कई नेता व व्यापार मंडल के कुछ नेता बाजार बंद कराने के लिए निकले । हाला की पूरी तरह बाजार बंद नहीं हुआ । कुछ ही देर बाद सांसद दद्दन मिश्र व सदर विधायक पलटू राम व्यापार मंडल केेे कुछ नेताओं के साथ बाजार में रोड मार्च करके व्यापारियों को दुकान खोले रहने की बात की और आश्वासन दिया की जिला प्रशासन से बात करके बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहाा है ।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के सभी सड़कों पर जबरदस्त अतिक्रमण देखने को मिल रहा है । आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सदर एसडीएम कुमार हर्ष ने विगत एक सप्ताह से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कराया है जिससे वह व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं जो दुकान से अधिक सड़क पर अपना व्यापार कर रहे हैं । कहीं ना कहीं व्यापार मंडल के कई बड़े नेता भी अतिक्रमण अभियान से प्रभावित हो रहे हैं जो उन्हें रास नहीं आ रहा है । कुछ व्यापार मंडल नेता के समाजवादी पार्टी से संबंध है तो कुछ सत्तारूढ़ पार्टी से । यह लोग लगातार एसडीएम पर तानाशाही रवैया का आरोप लगाते हुए दबाव बनाने के प्रयास में हैं । आज समाजवादी पार्टी द्वारा अतिक्रमण अभियान के विरोध में बाजार बंद का आवाहन किया गया तो सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के सांसद व विधायक साथ में व्यापार मंडल के कुछ नेता बाजार खुलवाने के लिए पैदल मार्च किये और व्यापारियों को आश्वासन दिया की एसडीएम के ऊपर दबाव बनाकर अनावश्यक अतिक्रमण हटाए जाने के लिए रोका जाएगा । व्यापार मंडल के नेता तथा सांसद का कहना था की जनता को भी परेशानी ना हो और व्यापारी भी सुरक्षित रहें इसके लिए बीच का रास्ता बातचीत करके निकालने का प्रयास किया जा रहा है । सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है । व्यापारी भी उसी के एक अंग है । व्यापारी भी सुरक्षित रहें और आम जनता को भी परेशानी ना हो इस तरह का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है । किसी भी अधिकारी को मनमानी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है । व्यापार मंडल नेता रमेश पाहवा ने तो सड़क की पूरी परिभाषा ही बदल दी । उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे बनी पटरी पर व्यापारी का हक बनता है । पटरी पर व्यापारी अपना दुकान लगा सकता है और दुकान पर आने वाले ग्राहक अपनी गाड़ियों को खड़ा कर सकते हैं । पिछले चेयरमैन जावेद अहमद के कार्यकाल में सड़क के दोनों तरफ पटरी समाप्त करके सड़क को चौड़ा करा दिया गया था जिसके कारण अब पटरी नहीं बची है । ऐसे में व्यापारी को ढाई से 3 फीट सड़क प्रयोग करने की इजाजत होनी चाहिए । अब यहां यह सोचने वाली बात होगी कि यदि सड़क के दोनों तरफ 3 - 3 तीन-तीन फुट दुकानदार अपनी दुकान सजाएंगे उसके बाद उनके ग्राहक अपनी गाड़ियां खड़ी करेंगे तो सड़क बचेगी कितनी और जनता के हितों की रक्षा होगी कैसे ? जानकारों का कहना है कि यह विरोधाभासी फार्मूला निकालकर व्यापार मंडल के नेता अतिक्रमण हटाओ अभियान को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं । किसी भी दशा में इस अभियान को रोका जाना जनहित में नहीं माना जा सकता है । दूसरी ओर आम जनता की राय ली जाए उन लोगों का कहना है कि ऐसे अभियान चलाना जरूरी है जिससे सड़कों पर अतिक्रमण ना होने पाए । एसडीएम कुमार हर्ष का कहना है की सड़क के दोनों तरफ बनी नालियां स्वयं सरहद निर्धारित करती हैं । नालियों के बाहर दुकानदार का कोई हक नहीं है । यदि नालियों के बाहर अतिक्रमण किया जाता है तो उसे हटा दिया जाएगा और इसके लिए नियमानुसार सभी दुकानदारों को नोटिस दे दिया गया है । साथ ही एलाउंस करा कर लगातार मुनादी भी कराई जा रही है ।इसके बावजूद भी यदि लोग नहीं समझ रहे हैं तो इसमें प्रशासन का कोई दोष नहीं है । कुल मिलाकर जनहित में किए जा रहे एक अच्छे कार्य का सभी विरोध कर रहे हैं ।


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