अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। स्मार्ट लाडली दो परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा का ख्याल रखती है जिससे ना तो परिवार में बीमारी का प्रकोप होता है और ना ही शिक्षा के अभाव में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब लाडली को पता होगा कि क्या खाने से स्वास्थ उत्तम रहेगा तभी परिवार को पोषण युक्त भोजन मिल सकेगा ।
बलरामपुर ।। स्मार्ट लाडली दो परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा का ख्याल रखती है जिससे ना तो परिवार में बीमारी का प्रकोप होता है और ना ही शिक्षा के अभाव में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब लाडली को पता होगा कि क्या खाने से स्वास्थ उत्तम रहेगा तभी परिवार को पोषण युक्त भोजन मिल सकेगा ।
शुक्रवार को‘‘लाडली दिवस’’ पर आंगनबाड़ी केन्द्र धुसाह के निरीक्षण के दौरान बेटियों को सम्बोधित करते हुए ये बातें जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येन्द्र सिंह ने कही । सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि जिले के नौ विकास खंडों के 1882 आंगनबाडी केन्द्रों पर 1567 आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशा व एएनएम के सहयोग लाडली दिवस का आयोजन किया गया । लाडली दिवस के दौरान करीब 9000 किशोरियों को पोषाहार देने के साथ साथ आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशा व एएनएम ने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा व साफ सफाई के मुद्दे पर विस्तार से जानकारी दी । किशोरियों के साथ मौजूद उनके परिजनों को बताया गया कि इन्ही किशोरियों को बेटी, बहन, मां, बहू, सास, दादी, नानी भी बनना है । जिले में किशोरावस्था के दौरान करीब 50 प्रतिशत बेटियों को एनीमिया हो जाता है । जागरूक होकर जब हमारी लाडली स्वस्थ व शिक्षित रहेगी तो वो अपने परिवार के साथ समाज का नाम भी रोशन करेगी । लाडली दिवस के दौरान आंगनबाडी केन्द्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था । कहीं पर किशोरियों ने जागरूकता रंगोली बनाई थी तो कहीं आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने पोषण प्रदर्शनी का भी आयोजन किया था जिसमें प्रोटीन, विटामिन, आयरन के विभिन्न श्रोत वाली सब्जियां, फल और दालें रखी गई थी । बड़े स्तर पर लाडली दिवस के आयोजन की निगरानी के लिए उतरौला में सीडीपीओ मजा भी बेगम, गैण्डास बुजुर्ग में संजीव कुमार, रेहरा में डा. संदीप कुमार, बलरामपुर देहात में राकेश शर्मा, सदर में इंदू सिंह, गैसड़ी में गरिमा श्रीवास्तव, तुलसीपुर में नीलम कश्यप, हर्रैया में रीनम सिंह, श्रीदत्तगंज में ऊषा मिश्रा तथा पचपेड़वा में रेनू जायसवाल को आंगनबाडी केन्द्रों पर जाकर व मोबाइल के द्वारा सभी केन्द्रों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी ।


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