अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर जिला मुख्यालय की सदर तहसील परिसर आज उस समय छावनी में तब्दील कर दी गई जब सदर एसडीएम कुमार हर्ष के विरोध में अधिवक्ताओं द्वारा कलम बंद हड़ताल की घोषणा कर दी गई थी । एसडीएम कुमार हर्ष ने अधिवक्ताओं की हड़ताल को खारिज करते हुए कोर्ट पर बैठने का फैसला किया उनकी सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया । या यूं कहें कि पुरा तहसील परिसर छावनी में तब्दील कर दिया गया था ।
जिले के कई थानों के प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी दंगा से निपटने वाली ड्रेस में पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले रखा था । उप जिला मजिस्ट्रेट अधिवक्ताओं के तमाम विरोध के बावजूद अपने कार्यालय में बैठे और सरकारी काम-काज निपटाया ।
इस बीच अधिवक्ता संघ की बैठकें चलती रही परंतु पूरा दिन किसी ने कोई विरोध नहीं किया और एसडीएम अपना सरकारी कामकाज निपटा कर वापस घर चले गए । पूरा दिन हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा ।
हालांकि अभी अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़ताल जारी कर रखा है अब देखने वाली बात यह होगी कि मंगलवार को अधिवक्ताओं की क्या रणनीति बनती है ।
दोनों पक्ष झुकने को तैयार नहीं है जिसका खामियाजा वाद कार्यों को भुगतना पड़ रहा है । दरअसल अधिवक्ता एसडीएम की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं और वह एसडीएम को हटाए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल पर चले गए हैं ।
अधिवक्ता संघ अपनी मांगों पर अडिग है वही एसडीएम भी अपने निर्णय को लेकर सख्त रवैया अख्तियार किए हुए हैं । आशंका है कि यदि विवाद बढ़ा तो नुकसान घूम फिर कर बाद कारियो का ही होगा ।



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