अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है । राज्य पोषण मिशन की महानिदेशक मोनिका एस गर्ग ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र भेजकर जिले के सभी आॅगनबाड़ी केन्द्रों पर गोदभराई दिवस मनाने का निर्देश दिया है। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक माह की 30 तारीख को होगा ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार मातृ शिशु मृत्युदर में कमी लाने के नई नई पहल कर रही है इसी में से एक है गोदभराई दिवस । पोषण अभियान के विभिन्न घटकों में से एक है व्यवहार परिवर्तन संचार । पोषण के मुद्दे पर समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से समुदाय आधारित गतिविधियों का आॅगनबाड़ी केन्द्र स्तर पर संचालन किया जाना है । बच्चे के विकास के 1000 स्वर्णिम अवधि को देखते हुए मां और अभिभावक को आवश्यक परामर्श एवं प्रदर्शन आदि दिये जाने, पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन हेतु प्रचार प्रसार एवं जन जागरूकता बढ़ाने के लिए व परिवारों में पोषण कार्यक्रमों के सहभागिता बढाने के लिए इन गतिविधियों का विशेष महत्व है ।
उन्होंने बताया कि हर माह की 30 तारीख को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र पर गोदभराई दिवस का आयोजन होगा, यदि उन दिन छुट्टी होती है तो दूसरे दिन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा । कार्यक्रम के लिए प्रत्येक केन्द्र को 250 रूपये की धनराशि आबंटित की गई है । आॅगनबाड़ी कार्यकत्री गर्भवती महिलाओं की गोदभराई गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में ही सुनिश्चित करेंगीं । आॅगनबाड़ी केन्द्र के अंतर्गत आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन व पंजीकरण गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में ही किया जाएगा ।
पंजीकरण के बाद सभी गर्भवती महिलाएं, उनके पति, सास ससुर, अन्य परिवारी जन, स्वयं सहायता समूह व आशा को आमंत्रित करते हुए आशा व आॅगनबाड़ी कार्यकत्री के द्वारा संयुक्त रूप से उन्हे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड, प्रसव पूर्व देखभाल, एनीमिया की रोकथाम तथा पौष्टिक आहार को व्यवहार में लाने की जानकारी देगीं । गोदभराई दिवस के दौरान आॅगनबाड़ी केन्द्रों पर गठित मातृ समितियां कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगी ।
गर्भवती महिलाओं को मिलेगी ‘‘पोषण की पोटली’’
- कार्यक्रम के आयोजन के दौरान गर्भवती महिलाओं को पोषण पोटली उपहार में दी जाएगी जिसमें गुड, चना, सहजन, हरी पत्तेदार सब्जियां, आयरन की गोलियां, फल व पोषाहार होगा। इन्हे गर्भवती महिलाओं को देकर प्रतिदिन सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- गर्भवती महिलाओं को मौसमी फल, साग सब्जियों, सहजन, आॅवला, गुड, चना आदि खाद्य पदार्थो से मिलने वाले पोषण लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही घर के अन्य सदस्यों को घर में ही पोषण वाटिका का निर्माण किये जाने के तरीके और फायदे के बारे में बताया जाएगा ।
- टिटनेस से बचाव हेतु टीटी का टीका, गर्भावस्था के दौरान उचित देखभाल, आईएफए गोलियों का सेवन, विटामिन सी, कैल्शियम एवं प्रोटीन युक्त भोजन, दूध आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।
- आयरन की गोली चाय, काफी व दूध के बजाय 100 मिली ग्राम नीबू पानी, संतरा कीनू व आॅवले के साथ लेने के फायदे समझाये जाएंगे।


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