सुनील उपाध्याय
बस्ती। अधिकार हासिल करने के उद्देश्य को लेकर 28 जनवरी को मुण्डेरवा के किसान शहीद स्थल से आरम्भ भारतीय किसान यूनियन की ‘किसान अधिकार जन यात्रा’ का स्थान-स्थान पर स्वागत किया जा रहा है। शनिवार को यात्रा हर्रैया में पहुंची। यह यात्रा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुये 11 फरवरी को विकास भवन कार्यालय पहुंचकर किसान पंचायत के रूप में बदल जायेगी।
यह जानकारी देते हुये भाकियू जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी ने बताया कि ‘किसान अधिकार जन यात्रा’ का उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और संगठन को प्रभावी बनाना है। देश, प्रदेश, जनपद का किसान बदहाल है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रमुख मांगो में गन्ना मूल्य व्याज समेत भुगतान कराये जाने, वाल्टरगंज, बस्ती चीनी मिल को चलाये जाने, किसानों को सिंचाई के लिये निःशुल्क बिजली, पात्रता के क्रम में किसानों को पेन्शन आदि शामिल हैं।
यात्रा को सम्बोधित करते हुये भाकियू मण्डल महासचिव शोभाराम ठाकुर ने कहा कि किसानों की बदहाली के लिये केन्द्र और राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, सब्जी, मसाला, फल आदि की कीमतें लगातार कम होती जा रही है जबकि उस अनुपात में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जब तक यह अन्तर पाटा नहीं जायेगा किसान बदहाल ही रहेंगे। सरकारें किसानों को झूठे सब्जबाग दिखा रही है। स्वामीनाथन आयोग की पूर्ण रिपोर्ट को लागू किये बिना समस्याओं का हल संभव नही है।
जिला उपाध्यक्ष डा. आर.पी. चौधरी ने बताया कि किसान अधिकार जन यात्रा में किसानों को 11 बिन्दुओं पर जागरूक करने के साथ ही पत्रक का वितरण किया जा रहा है।
यात्रा में जयराम वर्मा, हृदयराम वर्मा, रामचन्दर सिंह, हरि प्रसाद, सीताराम, पारसनाथ गुप्ता, पण्डा यादव, रामचन्दर चौधरी, जीरा देवी, श्रीराम चौधरी, बंधू चौधरी, मनोज कुमार, सुरेश चन्द्र, जैसराम, अशोक के साथ ही हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, भाकियू नेता शामिल हैं।


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