अमरजीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो। फसलों को बेतहाशा हो रहे नुकसान से परेशान किसानों ने एकजुट होकर अब नया तरीका अपनाया है।शाम होते ही छुट्टा मवेशियों को खदेड़ते हुए प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया।जिससे किसानों ने रातभर चैन की नींद लिया।
सुबह मामले की जानकारी जब अधिकारियों को हुई तो उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई जिसके बाद स्कूल पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी करुणा शंकर व ग्राम प्रधान इरफ़ान मौके पर पहुचे तो अंदर मवेशियों को बंद देखकर पुलिस को सूचना दी।जिसके बाद पहुची यूपी 100 की पीआरवी के दारोगा योगेंद्र बहादुर सिंह ने ग्रामीणों से चाभी लेकर गेट खोलकर मवेशियों को खोल दिया।जिससे ग्रामीण नाराज होकर पीआरवी को घेर लिया और दारोगा पर गाली गलौज का आरोप लगाते हुए नोकझोक किया और जमकर हंगामा करते हुए पीआरवी को वापस जाने से रोक लिया।बाद में पुलिस ने प्रार्थना पत्र लिखकर देने की बात कही तो ग्रामीण शांत हुए।
मवई थानाक्षेत्र के कोटवा गांव में करीब 50 मवेशियों को ग्रामीणों ने खदेड़ शुक्रवार की रात प्राथमिक विद्यालय के अंदर बंद कर दिया।सुबह इसकी सूचना बीइओ अरुण कुमार वर्मा और एनपीआरसी डॉ अनवर हुसैन खा को हुई तो उन्होंने बीडीओ मवई और एसडीएम रुदौली को सूचना दी उसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी करुणाशंकर और ग्राम प्रधान मो इरफ़ान पहुचे और यूपी 100 को सूचना दी। मौके पर पीआरवी 925 प्रभारी योगेंद्र बहादुर सिंह गांव पहुंचे।और स्कूल की चाभी ग्रामीणों से कब्जे में लेकर ताला खोल दिया जिसके बाद सभी पशु बाहर निकल गए।इस पर उत्तेजित किसानों ने पुलिस को घेर लिया।इसी बीच ग्राम प्रधान इरफान व स्कूल के प्रधानाध्यापक शशि कुमार यादव ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।बाद में पुलिस ने शिकायत एसडीएम को देने की बात कहा तो ग्रामीण शांत हुए।ग्राम पंचायत अधिकारी करुणाशंकर का कहना था कि इन लोगों ने अपने घर के ही पचास प्रतिशत जानवरों को स्कूल में जबरन बंद करा दिया था।स्कूल के प्रधानाध्यापक शशि कुमार यादव ने बताया कि अराजक तत्वों के खिलाफ थाने में सूचना दी गई है।उन्होंने बताया कि ग्रामीण भी छुट्टा मवेशियों से बहुत परेशान हैं।इसका निराकरण किसी न किसी तरह होना चाहिए।एसडीएम रुदौली टीपी वर्मा ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने प्रार्थना पत्र दिया है।थानाध्यक्ष मवई को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ