गत रात के अँधेरे में अचानक गिरा दिया गया था साकेत कालेज पर पुलिस बैरियर पति पत्नी और बच्ची हुए लापरवाही के शिकार
वासुदेव यादव
अयोध्या। रविवार की मध्य रात्रि अयोध्या के साकेत महाविद्यालय के सामने लगे पुलिस बैरियर पर एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने एक परिवार की खुशियां छीन ली है। अयोध्या नगर के ही छोटी देवकाली इलाके के रहने वाले रत्नेश मौर्या अपनी पत्नी और बेटी के साथ फैजाबाद शहर के अंगूरी बाग स्थित मैत्री मंडप में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे कि अचानक साकेत महाविद्यालय का बैरियर नीचे गिरा होने के कारण उससे टकरा गए ।
इस दर्दनाक हादसे में रत्नेश मौर्या की तत्काल ही मौत हो गई और उनकी पत्नी बेहद गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती हैं। दुर्घटना की शिकार हुई मासूम बच्ची कल्पना मौर्या ने पूरी घटना बताई, जिसमें बच्ची ने बताया है कि रात के अंधेरे में बैरियर गिरा होने के कारण बाइक पर सवार उसके पिता और मां बैरियर से टकरा गए टकराने के बाद झटका लगने के कारण वह भी सड़क के किनारे गिर गई।
रात के अँधेरे में अचानक गिरा दिया गया पुलिस बैरियर पति पत्नी और बच्ची हुए लापरवाही के शिकार
बेहद चौंकाने वाले घटनाक्रम में इस पूरी घटना में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है । आमतौर पर अयोध्या से फैजाबाद शहर को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर दिन भर हजारों वाहनों का आवागमन होता है और इस पुलिस चेकिंग बैरियर को कभी भी नीचे नहीं गिराया जाता। लेकिन किन परिस्थितियों में रविवार की रात यह बैरियर नीचे गिराया गया वह भी उस समय जब रात के अंधेरे में कोहरे के कारण राहगीरों को देखने में दिक्कत हो रही थी | ऐसे में किस तरह बैरियर नीचे आया और बैरियर से टकराकर एक परिवार की खुशियां उजड़ गई इस सवाल का जवाब पुलिस के आला अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं । जबकि पुलिस ही इस घटना की मुख्य वजह है।
मृत युवक के परिजनों ने की दोषियों के खिलाफ कार्यवाही और मुआवजे की मांग
सोमवार की सुबह कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद जब शव को वापस घर लाया गया तो परिजनों और इलाके के लोगों ने छोटी देवकाली मंदिर के पास सड़क पर शव को रख कर हंगामा शुरू कर दिया और घटना की जांच के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
फिलहाल इस पूरी घटना में प्रथम दृष्टया बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। लेकिन अभी भी कोई वरिष्ठ अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार एक आम इंसान की जिंदगी की कीमत पुलिस की नजर में क्या है। भले ही पुलिस इसे लापरवाही और चूक मानकर कार्यवाही की बात कहें लेकिन इसी चूक का नतीजा एक बेकसूर इंसान को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी ।
फिलहाल घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। इस घटना से सबमे आक्रोश है, दोषी पुलिस को सजा व मृतक परिवार को आर्थिक मदद मिलनी चाहिये।


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