अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। संचारी रोग पखवाड़ा हेतु अन्तर विभागीय बैठक अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न हुई । सीएमओ ने जानकारी दी कि 10 फरवरी से 28 फरवरी तक संचारी रोग नियन्त्रण पखवाड़ा चलाया जायेगा । इसमें 10 विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है जिसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पंचायतीराज विभाग, नगर विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, आदि की भूमिका महत्वपूर्ण है, की जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 घनश्याम सिंह ने दिया।
डा0 घनश्याम सिंह ने बताया कि 10 फरवरी से संचारी रोग फखवाड़े के अतिरिक्त जनपद में फाइलेरिया मुक्त अभियान चलाया जायेगा। 10 फरवरी को फाइलेरिया मुक्त रोग अभियान का शुभारंभ किया जायेगा जिसमें प्रत्येक ग्रामसभा में बूथ लगाकर लोगो को कारबामाजिन व एल्बेन्डाजोल की गोलियां दी जायेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि 10 तारीख को बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा समस्त परिषदीय विद्यालय खुले रखें जायेगे, व एमडीएम बनेगा जिसके पश्चात् बच्चों को गोलियां खिलायी जायेगी।
उन्होने बताया कि इसके लिए फाइलेरिया मुक्त अभियान के लिए 1667 टीमें घर-घर जाकर लोगो को फाइलेरिया की दवा खिलायेगी। यह अभियान 10 फरवरी से 14 फरवरी तक प्रथम चरण व 15 से 23 फरवरी तक द्वितीय चरण में चलाया जायेगा। जिसमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य टीम द्वारा दवा खिलायी जायेगी। संचारी रोग नियन्त्रण पखवाड़े की समीक्षा के दौरान सीएमओ ने बताया कि इस अभियान में 10 विभागों भागीदारी सुनिश्चित की गई है जिसमें नोडल विभाग चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को बनाया गया है, स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस अभियान के तहत व्यापक तौर प्रचार’-प्रसार व जेई व अन्य बीमारियों का टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा।
नगर विकास विभाग द्वारा नगर पंचायतों में स्वच्छता, फागिंग, शुद्ध पेयजल, आदि सुनिश्चित किया जायेगा। पंचायती राज विभाग द्वारा गांवों में प्रधानांे के माध्यम से अभियान का शुभांरभ करवाया जायेगा। ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, शौचालय के प्रयोग तथा घर से जल के निकासी हेतु जनमानस के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जायेगा व संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार का क्या करें क्या ने करे का प्रचार प्रसार किया जायेगा। पंचायतीराज विभाग द्वारा उथले हैण्डपंपों को चिन्हित कर उनको प्रयोग न करने के लिए जागरूक किया जायेगा, इनके स्थान पर इण्डिया मार्क-2 हैण्डपंप के प्रयोग के लिए जागरूक किया जायेगा। इसी तरह पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को प्रार्थना सभा में स्वच्क्षता का पाठ पढ़ाया जायेगा व संचारी रोगो के रोकथाम के उपाय हेतु प्रति सप्ताह विशेष सत्र आयोजित किया जायेगा।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि दिमागी बुखार व एईएस सामान्तया गन्दगी, खुले में शौच, मच्छरों के काटने आदि के कारण होता है यदि साफ-सफाई, पानी की जमाव आदि पर विशेष ध्यान दिया जाए तो इन बीमारियों से निपटा जा सकता है उन्होंने संबन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान के तहत दी गई जिम्मेदारिय को बखूबी पालन करें। व्यापक प्रचार-प्रसार व टीकाकरण का निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी, डीपीआरओ व अन्य अधिकारियों को दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डा0 एके पाण्डेय, पशु चिकित्साधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिहर प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक महेन्द्र कुमार कनौजिया व सीएचसी/पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी, समस्त ब्लाकों के सीडीपीओ, अधि0 अधिकारी अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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