सुनील उपाध्याय
बस्ती । बुधवार को 19 सूत्रीय मांगो को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के पदाधिकारियों, सदस्यों ने जिलाध्यक्ष रामकेवल यादव के नेतृत्व में किसानों, मजदूरों के साथ शास्त्री चौक पर धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
धरने को सम्बोधित करते हुये पार्टी के प्रदेश महासचिव डा. बाबूराम निषाद ने कहा कि हिन्दू, मुसलमान एक दूसरे की जरूरत हैं किन्तु भाजपा साम्प्रदायिकता के आधार पर दिलों में नफरत पैदा कर रही है। यह सरकार आम आदमी के हितों के प्रति संवेदनशील नही है। किसान, मजदूर बेहाल है और योगी सरकार वर्ग विशेष के तुष्टिकरण में लगी हुई है। ऐसी सरकार को आने वाले लोकसभा चुनाव में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया जनता की ताकत पर कड़ा जबाब देगी।
पीएसपीएल के धरने को जिलाध्यक्ष रामकेवल यादव, डा. अजय पाण्डेय, एबादुल हक, कपिलदेव यादव, सुरेश यादव, विजय यादव, विपिन त्रिपाठी, भूपेन्द्र दूबे, सुभाष यादव, विपिन सिंह, सुखराम यादव आदि ने सम्बोधित करते हुये भाजपा सरकार के नीति, नीयत और कार्यक्रमों को जन विरोधी बताते हुये कटघरे में खड़ा किया।
राज्यपाल को भेजे 19 सूत्रीय ज्ञापन में किसान आयोग का गठन कर उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कराने, पिछड़ों की जाति आधारित जन गणना कराकर उनके हक की लूट रोके जाने, महिलाओं पर अत्याचार रोकने, बेरोजगारों को रोजगार या बेरोजगारी भत्ता देने, अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार, पक्षपात बंद करने, कानून बनाकर शिक्षा मित्रों का समायोजन किये जाने, कानून व्यवस्था बेहतर बनाने, दवाई पढाई मुफ्त कर दैनिक मजदूरी बढाये जाने, आर्थिक असमानता दूर करने, आवारा पशुओं पर नियंत्रण,पुरानी पेंशन नीति बहाल किये जाने, गन्ना किसानों का ब्याज सहित बकाया भुगतान कराकर तौल में धांधली रोकने, सप्लाई पर्ची सुचारू रूप से उपलब्ध कराये जाने, महाविद्यालयों में पुस्तकालयों की व्यवस्था, तकनीकी रोजगार परक शिक्षा के लिये तकनीकी संस्थान खोले जाने, किसानों से धान खरीद सुनिश्चित कराकर खाद, बीज, कृषि संयत्रों पर सब्सिड़ी बढाये जाने, टेम्पो, आटो, रिक्शा चालकों का उत्पीड़न बंद किये जाने, अतिक्रमण के नाम पर पटरी दूकानदारों, ठेला, गुमटी वालों का उत्पीड़न बंद किये जाने आदि की मांग शामिल है।
धरना प्रदर्शन में बाल गोविन्द यादव, राजेश सिंह, दुर्गेश यादव, महेश पाण्डेय, शालू यादव, छाया उपाध्याय, बबिता श्रीवास्तव, देवनाथ यादव, अमित पाण्डेय, अजीत दूबे, भोलू अंसारी, विशाल गोंड़, सत्येन्द्र यादव, वृजेश दूबे, सावंरजीत यादव, सदावृक्ष तिवारी, पंकज सिंह, राम सागर यादव, राम सुभावन यादव, रामकेश यादव, संजय मिश्र, शिव कुमार यादव, अमरनाथ यादव, रामचन्दर यादव, राम सागर यादव, राम प्रकाश चौधरी, राजमणि निषाद, रामवृक्ष यादव, फौजदार, राजकुमार निषाद, राम गोपाल कसौधन, अमरजीत सिंह के साथ ही बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ