अनीता गुलेरिया
दिल्ली :- भारतीय-दृष्टिबाधित, संयुक्त-संघ द्वारा काफी समय से अपनी 17 सूत्रीय मांगो को लेकर संपूर्ण भारत के दृष्टिबाधित-अधिकारों की रक्षा के लिए रामलीला मैदान में केंद्र व दिल्ली सरकार के समक्ष सामूहिक रूप से अपने अनिश्चितकाल-आंदोलन के चलते उनके एक मुख्य मांग दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए छात्रावास बनाने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा कल मंजूरी दे दी गई है ।
भारतीय-दृष्टिबाधित, संयुक्त संघ के संयोजक अनिल वर्मा ने मीडिया से बताया हमारे इस आंदोलन के चलते केबिनेट-मंत्री व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री,दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री के निजी-सचिव से संघ के प्रतिनिधि मंडल की बैठक हुई । तीनों अधिकारियों से वार्तालाप के पश्चात संबंधित-विभाग मंत्रियों से बैठक निर्धारित करने के आग्रह पर अनिश्चितकाल-धरने को स्थगित कर दिया गया । हमारे संघ द्वारा मांगे पूरी ना होने तथा बैठक सार्थक ना होने की स्थिति में आठ फरवरी को दोबारा अनिश्चितकाल-आंदोलन को आरंभ करने और 11 फरवरी को जंतर-मंतर पर एक विशाल राष्ट्रव्यापी-रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है ।
सरकार द्वारा हमारी एक मांग फर्जी-विकलांगता पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। छात्रावास बनवाए जाने की मांग पर प्रमुखता से दिल्ली-सरकार ने छात्रावास-निर्माण संबंधी कार्यवाही को आरंभ करते हुए पी डब्ल्यू डी अधिकारियों के साथ संघ-प्रतिनिधियों की बैठक करते हुए छात्रावास-योजना को तीमारपुर मे एक-वर्ष भीतर पूरा करने का आदेश जारी किया है । जो कि कई वर्षों से 12 करोड़ 20 लाख की राशि आवंटित होने के बावजूद भी लंबित पड़ा था ।
संघ-प्रतिनिधी अनुसार हमारी मुख्य मांग दृष्टिबाधित बेरोजगारी भत्ता है, जिसको केंद्रीय कर्मचारी के न्यूनतम-वेतन के बराबर दिया जाए और सुगमता के तहत रेल से हटाए गए विकलांग-कोच को दोबारा से जोड़ा जाए ।केंद्र सरकार द्वारा 12 सिलेंडर की बजाय दृष्टिबाधित को 18 सिलेंडर देने पर बल दिया गया ,क्योंकि दृष्टिबाधित लोगों को खाना पकाने में ज्यादा समय लगता है । सघं ने रोष व्यक्त करते हुए केंद्र-सरकार को दृष्टिबाधितो के उपयोगी-उपकरण ब्रेल पेपर ,ब्रेल एम्बोजर के स्पेयर पार्ट्स आदि को तत्काल जी एस टी के प्रभाव से मुक्त करने को कहा और छात्रावास-निर्माण-प्रति खुशी जाहिर करते हुए दिल्ली सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया ।


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