शिबेश शुक्ला
प्रतापगढ | राजकीय इण्टर कालेज के सभागार में पुरातन छात्र सम्मेलन-2019 का आयोजन किया गया जिसमें स्टाम्प विभाग उ0प्र0 के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा, जिलाधिकारी शम्भु कुमार एवं महामहिम राज्यपाल के कानूनी सलाहकार श्याम शंकर उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थित रही।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पुरातन छात्र सम्मेलन का जो कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है यह पूरे प्रदेश में लागू हो न केवल जी0आई0सी0 में लागू बल्कि जितने भी प्राइवेट स्कूल है उनके लिये यह एक बेहतर बात है। अगर इस कार्यक्रम को लागू किया जाय तो जो अभी जो छात्र पढ़ रहे है एक तो पुराने लोगों को आपस में मिलने का मौका मिल जाता है और जो नये यहां पढ़ाई कर रहे है उनके लिये भी एक प्रेरणा का विषय बनता है कि उनके ही कालेज के, विद्यालय के लोग कितने बड़े बड़े पदों पर शोभा बढ़ा रहे है और प्रदेश की, देश की जनसेवा का कार्य अलग-अलग क्षेत्रों में कर रहे है।
उन्होने कहा कि जब यह कार्यक्रम छात्रों को देखने का मौका मिलेगा तो निश्चित रूप से जो इस विद्यालय का पुराना गौरवशाली इतिहास है उसे वो भी पुनः जीवन बनाने का प्रयास करेगें और जीवन में बड़ी बड़ी सफलतायें हासिल कर पायेगें। उन्होने कहा कि पुराने छात्रों की जो यादें है यह हम लोग भी जब अपने पुराने स्कूल में जाते है तो बहुत ही सुखद एहसास लगता है हर चीज बहुत ही अच्छा लगता है जैसे हम लोग कहीं बड़े मन्दिर में जाते है, किसी तीर्थ पर जाते है तो वहां पर एक बहुत ही सुन्दर एहसास होता है यहां पर शिक्षा के क्षेत्र में जो भी लोग आये हुये है
जो उपलब्धियॉ हासिल की है उसकी नीव यहीं पे पड़ी हुई है और स्वाभाविक है कि जो इस विद्यालय का ऋण है पुरातन छात्रों के ऊपर उसको लाख कोशिश करें वापस नही किया जा सकता है और उसके बारे में सोचना भी नही चाहिये कि ऋण वापस करना है। उन्होने कहा कि जैसे किसी बगीचे का फूल है तो बगीचो को ऋण वापस करने का एक ही तरीका हो सकता है कि पूरे दुनिया में उसकी खुशबू बिखेर दें और मैं यह देख रहा कि यहां के जो पुरातन छात्र है देश की प्रदेश की सेवा में जो अद्वितीय योगदान कर रहे है वह सराहनीय है।
उन्होने कहा कि 75 जिलों में जो जिलाधिकारीगण है करीब 4 या 5 ऐसे जिलाधिकारी जो प्रतापगढ़ के निवासी है तो यह अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है कि प्रतापगढ़ का शिक्षा के क्षेत्र में एक अपनी अलग पहचान है। हमेशा हम लोग कोशिश करते है कि पुरातन का नवीन के साथ संगम होता रहे ताकि उसका जो मिश्रण होगा उससे बहुत ही मजबूत चीज सामने आयेगी तो वह संगम का काम पुरातन छात्रों का सम्मेलन करेगा। इस अवसर पर स्टाम्प विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने कहा कि इस विद्यालय का छात्र मैं भी रहा हूँ और यहां आने से जो पुराने यादें थी वह आज ताजा हो गयी है। उन्होने सभागार में उपस्थित बच्चों को सम्बोधित करते हुये कहा कि रिजल्ट कोई भी आ रहा हो उसकी चिन्ता मत करना, सबसे महत्वपूर्ण यह बात है कि अपने समय का क्या कर रहे हो खेल रहे हो,
सोच रहे हो अगर यदि अपने समय का सदुपयोग कर रहे हो तो आपमें मेहनत करने की योग्यता है कि नही अगर योग्यता है तो समय का सदुपयोग करियें और मेहनत करने की योग्यता रखिये तो सफलता जरूर आपके कदम चूमेंगी। उन्होने इस अवसर पर अपनी तरफ से 51000 रू0 की सहायता धनराशि देने की घोषणा भी की और इसके अलावा हर साल 25000 रू0 देने का वादा भी किया। इसके अलावा अन्य वक्ताओं में सभागार पाण्डेय, डा0 भूपेन्द्र सिंह, डा0 ब्रजभानु सिंह, विजय श्रीवास्तव सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम का संचालन सन्तोष मिश्र द्वारा किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में संवेदना महिला उत्थान समिति की अध्यक्ष मीना श्रीवास्तव, विद्यालय के अध्यापगण, कपिल देव तिवारी सहित छात्र उपस्थित रहे। प्रारम्भ में स्कूल के बच्चों द्वारा आये हुये अतिथियों का स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल के कानूनी सलाहकार श्यामशंकर उपाध्याय ने कहा कि इस विद्यालय में मैनें भी पढ़ाई की है और यहां आने के बाद मुझे बहुत ही सुखद अनुभव हो रहा है। उन्होने अपनी पुरानी यादों के विषय में उपस्थित अतिथियों बताया एवं उपस्थित छात्रों को अपने आर्शीवचन कहे। श्यामशंकर उपाध्याय ने अपने द्वारा लिखित यूनिर्वसिटी ला इन इण्डिया, द गवर्नस गाइड, लॉ आफ डिसप्लनेरी प्रोसेडिंगस इन इण्डिया बुक को राजकीय इण्टर कालेज के लाइब्रेरी में रखने हेतु प्रदान किया। जिला विद्यालय निरीक्षण एस0पी0 यादव ने आये हुये अतिथियों का स्वागत किया एवं अंगवस्त्रम एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।
अन्त में राजकीय इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य राजकुमार सिंह ने आये हुये अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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