सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर रही है गंदगी की तस्वीर
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। सरकार स्वच्छता के लिए अरबों रूपये पानी की तरह बहा रही है, लेकिन जिम्मेदारों की घोर लापरवाही के चलते स्वच्छ भारत मिशन अभियान को पलीता लग रहा है। स्वच्छता की जो तस्वीर सामने आई है, वह न सिर्फ जिम्मेदारों की निरंकुशता को उजागर करती है बल्कि सिस्टम को भी कटघरे में खड़ा करती है।
स्वच्छता के मामले में सबसे गंदे शहर का कलंक लगवा चुके गोण्डा की तस्वीर वैसे तो प्रशासन के अथक प्रयास से काफी हद तक साफ हुई है लेकिन जिम्मेदार हैं जो अपनी निरंकुश कार्यशैली से बाज नहीं आ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते गोण्डा में सरकार के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। दरअसल, सफाईकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन होकर जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े हुए हैं, जिससे कस्बों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की तस्वीर जस की तस बनी हुई है। सच तो यह है कि सफाईकर्मी स्वच्छ भारत मिशन को लेकर पूरी तरह लापरवाह हैं। विभागीय अधिकारी भी मौनीबाबा बने हुए हैं।
जिले के मेहनौन विधान सभा क्षेत्र की जानीमानी धानेपुर बाजार आजादी से अब तक बुनियादी सुविधाओं से महरूम ही रही है। सड़क तो जैसे तैसे बन गयी, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था यानी नाली का पूर्ण निर्माण नहीं कराया जा सका। बताते हैं कि कार्यदायी संस्था ने बाज़ार के आधे हिस्से में नाली बनाकर छोड़ दिया है। बनी हुई नाली में बाज़ार का कचड़ा और गन्दा पानी जमा होने से बजबजाती नाली से दुर्गन्ध आती रहती है, जो भारत स्वच्छता मिशन को मुंह चिढ़ा रही है। धानेपुर बाजारवासी इस दुर्गन्ध से तो आजिज हैं ही, रोजमर्रा की खरीद फरोख्त के लिए बाजार में आने वाले लोगों को भी अपना नाक बंद करना पड़ता है।
![]() |
| प्रदीप शुक्ल |
युवा समाजसेवी प्रदीप शुक्ल ने गंदगी के खिलाफ उठाई आवाज
क्षेत्र के युवा समाजसेवी प्रदीप शुक्ल का कहना है कि सफाईकर्मी पूरी तरह बेलगाम और मनबढ़ हैं। ये अपनी तैनाती क्षेत्र में सफाई करने के बजाय अधिकारियों की जी हुजूरी में लगे रहते हैं। सफाई न होने से गंदगी इकट्ठा होती रहती है जो बाद में दुर्गंध फैलाने के साथ ही जानलेवा संक्रामक बीमारियों को भी फैलाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत कस्बावासियों द्वारा की जाती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते हैं। उन्होंने धानेपुर बाजार में व्याप्त गंदगी और चोक नालियों को साफ कराने की मांग की है, जिससे कस्बावासियों को संक्रामक बीमारियों से बचाया जा सके।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ