अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। भारतीय संस्कृति तथा भारतीय लोक कला को खोई हुई ख्याति पुनः वापस दिलाने के लिए भारत सरकार के साथ साथ प्रदेश सरकार का लोक संस्कृति विभाग लगातार प्रयास कर रहा है । जनपद बलरामपुर के सीमावर्ती थारू बाहुल्य क्षेत्रों में थारू जनजाति परिवारों तथा उनकी लोककला को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए जनजातीय एव लोक कला संस्कृति संस्थान द्वारा राजकुमार फाउंडेशन के सहयोग से थारु बाहुल्य गांव विशूनपुर कोडर के राजकुमार इंटर कॉलेज परिसर में बसंत उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें थारु लोकगीत, बुंदेलखंडी लोकगीत , रागिनी लोकगीत, बिरहा, भजन, भोजपुरी गीत, अवधी लोकगीत सहित स्थानीय लोकगीतों का अनोखा संगम प्रस्तुत किया गया ।
जानकारी के अनुसार जनपद बलरामपुर भारत नेपाल सीमा से सटा हुआ जनपद है और इस जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में 54 गांव ऐसे हैं जहां पर जनजातीय थारू परिवार के लोग निवास कर रहे हैं । इन लोगों के विकास के लिए चंद राम चौधरी ने लगातार प्रयास किया है । उनके इसी प्रयास को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चंद्र राम चौधरी को जनजातीय एवं लोक संस्कृति संस्थान का अध्यक्ष नियुक्त किया है । इसी क्षेत्र में भारत रत्न नानाजी देशमुख द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना एमिलिया कोडर में किया गया है जहां पर थारु जनजाति बच्चों की पढ़ाई की जाती है ।
इसी क्षेत्र के थारू छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय इग्नू द्वारा इमिलिया कोडर में अध्ययन केंद्र की स्थापना की गई है । इसी अध्ययन केंद्र के द्वारा क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा देने की व्यवस्था कराई जा रही है । इसके अलावा नारी सशक्तिकरण तथा लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं । इग्नू के द्वारा तैयार की गई छात्राओं ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान लखनऊ में सराहनीय प्रदर्शन भी कर दिखाया है ।
आज बसंत उत्सव कार्यक्रम में थारू लोकगीत, बुंदेलखंडी लोकगीत, अवधी लोकगीत, बिरहा, भजन, रागिनी स्थानीय लोकगीतों की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की गई ।निश्चित रूप से ऐसे प्रस्तुति से क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा । जनजातीय एवं लोक कला संस्कृति संस्थान के अध्यक्ष चंद राम चौधरी ने इस आयोजन को सफल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से स्थानीय लोगों को जानने सीखने का मौका मिलता है ।
इग्नू के सहायक निदेशक डॉ कीर्ति विक्रम सिंह ने कहा कि थारू क्षेत्र के जनजाति परिवार के बच्चों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इग्नू द्वारा पचपेड़वा के इमिलिया कोडर में स्टडी सेंटर की स्थापना की गई है जहां से बच्चे निरंतर आगे बढ़ रहे हैं । मुख्य अतिथि देवी पाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए ऐसे आयोजन को महत्वपूर्ण बताया । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थारू जनजाति परिवारों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं । कार्यक्रम का आयोजन राजकुमार इंटर कॉलेज प्रांगण में किया गया जिसकी छात्राओं ने आए हुए अतिथियों का स्वागत गीत गाकर अभिनंदन किया ।
आयोजक मंडल द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण व अंग वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया । महोत्सव में लोकगीतों का शुभारंभ मशहूर भोजपुरी भजन गायक दीनबंधु सिंह द्वारा भजन गाकर किया गया जिसके बाद बुंदेलखंडी लोक नृत्य का मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया गया । थारू लोकगीत पर नृत्य के बाद पदम श्री ब्रह्मपाल नागर द्वारा रागिनी प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध किया गया । लोकगीत तथा लोक नृत्य का यह सिलसिला लगातार जारी रहा ।
इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक गोदावरी देवी, हिंदू युवा वाहिनी के विजय कुमार सिंह सहित तमाम गणमान्य लोग, स्थानीय जनता तथा बच्चे मौजूद थे ।कार्यक्रम का सफल संचालन इमिलिया कोडर के प्रधानाचार्य व प0 दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव रामकृपाल तिवारी द्वारा किया गया । स्थानीय लोगों द्वारा पूरे कार्यक्रम की खूब सराहना की गई । यह दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन सोमवार को होगा ।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ