अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद के एस्पिरेशनल सूचकों की चुनौतियों को ज़मीनी स्तर पर सुधारने से ही सकारात्मक अंतर आएंगे । पारिस्थितिक रूप से अनुकूल नए कॉन्सेप्ट्स जैसे की रिवाइल्डिंग, सर्कुलर इकॉनमी इत्यादि को अपनाना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है। डॉ अरविन्द कुमार अध्यक्ष इंडिया वाटर फाउंडेशन ने गुरुवार को , विकास भवन सभागार में हितधारक संवाद के दौरान कहा । यह संवाद विज्ञानं व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से इंडिया वाटर फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था ।
जानकारी के अनुसार जागरूकता दृष्टिकोण और अपेक्षित मानसिकता में बदलाव लाकर हितधारकों को एस्पिरेशनल के सभी सूचकों पर एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से जानकारी दी गयी । सभी सूचक जैसे के कौशल विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसियल इन्क्लूसिव, शिक्षा, स्वास्थय पर गहन वार्ता की व हितधारकों को समझाया की हमारे इस क्षेत्र में आने का यही कारण है के हम क्षेत्र के समग्र विकास में सरकार व आप सभी की मदद कर पाए । उन्होंने सार्वजनिक भागीदारी पर जोर दिया व कहा विकास किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है जनपद में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग सुदृढ़ बनाना है और वो साझेदारी से ही सम्पूर्ण हो पायेगा। हितधारकों द्वारा किये गए उत्कर्ष कार्यो के लिए इंडिया वाटर फाउंडेशन ने उन्हें चैंपियंस ऑफ़ चेंज अवार्ड से सम्मानित किया व जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को भी सम्मानित किया । सभी हितधारकों को एक मंच पर लाना, व आपसी समझ से एक दूसरे की मुश्किलें समझना बेहद सराहा गया उनकी चुनौतियों का समाधान डॉ कुमार ने किया. यह संवाद परस्पर संवादात्मक था व सभी ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया ।इंडिया वाटर फाउंडेशन ने संवाद से पूर्व एक सप्ताह तक क्षेत्र में अनेकों गतिविधिया की जिसमे मुख्यता स्कूली छात्रों के साथ मानव श्रृंखला, स्वच्छता से सम्बंधित जानकारियां प्रदान की गयी, जनपद के विभिन्न स्थानों पे हस्ताक्षर अभियान व वाद संवाद का भी आयोजन किया गया। हितधारक संवाद में चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसे इंग्लिश मध्यम मॉडल स्कूल, दुसाह के छात्रों ने हिस्सा लिया व पुरुस्कार भी प्राप्त किये । इंडिया वाटर फाउन्डेशन एक गैर- लाभकारी सिविल सोसाइटी है जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जल तथा पर्यावरण संबंधी मुद्दों के बारे में वृद्धित लोक जागरूकता उत्पन्न करने में रत है और इन मुद्दों में मानव जीवन में जल तथा पर्यावरण द्वारा अदा की जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका, स्वास्थ्य, आर्थिक वृद्धि तथा लोगों की आजीविका पर उनके प्रभाव शामिल है। चूंकि जल, विद्युत उत्पादन और भोजन उत्पादन का एक प्रमुख घटक है। इंडिया वाटर फाउन्डेशन पर्यावरणीय सुरक्षा, जल सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा तथा खाद्य सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने में रत है जो सतत विकास हेतु आवश्यक है ।

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ