अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर देश के सबसे पिछड़े 115 जनपदों तथा प्रदेश के सबसे पिछड़े 8 जनपदों में से एक है जहां पर स्वास्थ्य शिक्षा तथा पोषण के मामले में काफी पिछड़ापन देखा जा रहा है । जिले के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नोडल एजेंसीयों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिछड़े सभी 8 जनपदों को एस्पिरेशनल जनपद घोषित करते हुए इन जिलों के विकास की जिम्मेदारी भी तय कर दी है । जनपद बलरामपुर के विकास का जिम्मा नीति आयोग को सौंपा गया है और नीति आयोग ने अलग अलग क्षेत्र के लिए अलग-अलग नोडल एजेंसियों को नामित किया है । उन्हीं में से एक है इंडिया वाटर फाउंडेशन जो जिले के विकास का खाका तैयार करने में लगा हुआ है ।
जानकारी के अनुसार गत एक सप्ताह से विख्यात पर्यावरण विद डॉ अरविन्द कुमार वर्ल्ड वाटर कौंसिल के गवर्नर, सदस्य इंडिया @ 75 समिति नीति आयोग, सदस्य नेशनल वेटलैंड्स समिति व अध्यक्ष इंडिया वाटर फाउंडेशन उत्तर प्रदेश राज्य मे एन.सी. एस.टी.सी., विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा "इको रूट्स: ईको और वाश डायलॉग्स फॉर इको इंटेलिजेंट रूरल कायाकल्प क्षेत्र क्षमता वृद्धि" 2018-19” परियोजना के लिए इस क्षेत्र के दौरे पर हैं ।
इस दौरे के दौरान चारो एस्पिरेशनल जनपदों बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती व सिद्धार्थ नगर में जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारीयों के साथ गहन विचार विमर्श किया। बलरामपुर के विकास भवन सभागार में एस्पिरेशनल सूचकों के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट्स के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कहा इस पूरे क्षेत्र में पानी की उपलब्धता व गुणवत्ता में कमी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का प्रबंधन, स्वच्छता पर जागरूकता की कमी जैसी कुछ समस्याएं व्याप्त हैं।
इससे स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर भी बुरा असर पड़ता है। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों में जागरूकता और संवेदनशीलता लाने से सकारात्मक अंतर आएंगे, जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पिछले दस सालो में कार्यक्षमता वृद्धि फंडिंग ब्रांडिंग के माध्यम से उन राज्यों के समग्र विकास में योगदान कर पाए हैं । वैसे ही यहाँ कर पाये इसके लिये सबके साथ मिल कर कार्य करे और इन विषयों पर विस्तार से वार्ता व संवाद करने के लिए 21 फरवरी को सभागार, विकास भवन, बलरामपुर में एक हितधारक संवाद का आयोजन किया गया ।
यह संवाद प्रशासन द्वारा चिन्हित प्राथमिकताओं पर व, प्रशिक्षकों, जागृत व प्रबुद्ध नागरिकों महिलाओं युवाओं की क्षमता वृद्धि, आईईसी मॉडल के माध्यम से जागरूकता दृष्टिकोण और अपेक्षित मानसिकता में बदलाव लाकर नागरिको को एस्पिरेशनल के सभी सूचकांकों पर एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से जानकारी देना है |


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ