शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ :तरुण चेतना और वन विभाग के तत्वावधान में रामकोला ग्राम पंचायत में सारस संरक्षण के विषय पर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे फारेस्टर अखिलेश कुमार ओझा ने कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सारस संरक्षण करने में तरुण चेतना का सराहनीय योगदान रहा है। सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी है।
जिसे भारतीय वन्य जीव (संरक्षण )अधिनियम १९७२ के अन्तर्गत संरक्षण प्राप्त है। सारस को धार्मिक व सामजिक रूप से विशिष्ट महत्त्व प्राप्त होने के साथ साथ इंटरनेशनल यूनियन फार कंजर्वेशन ऑफ़ नेचर के द्वारा संकटप्राय पक्षी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। तरुण चेतना विगत कई वर्षो से वन विभाग के सहयोग से पट्टी क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतो में सारस को संरक्षण प्रदान करने हेतु जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। तथा समय समय पर विभाग के साथ मिलकर उनकी गणना में भी सहयोग प्रदान करता रहा है ।
इसी क्रम में कार्यक्रम समन्वयक शमीम अंसारी ने लोगो से अपील की कि बहुता ताल व दाउदपुर झील के आस-पास सारस के अंडे व बच्चो कोई क्षति न पहुचाये साथ ही संदिग्ध लोगो पर नजर रखे । संदिग्ध व्यक्तिओं व गतिविधियो की जानकारी होने पर वन विभाग को सूचित करें । इस अवसर पर संस्था व वन विभाग के द्वारा जन जागरूकता के लिए पट्टी पृथ्वीगंज मार्ग के बहुता मोड़ एक साइन बोर्ड लगाया गया । इस अवसर पर सरमा के ग्राम प्रधान गुरुदीन, सरायमधई के ग्राम प्रधान मुख्तार अहमद, युनाइटेड बैंक से रंजय सिंह, समाज सेवी नीरज सिंह ,श्याम शंकर शुक्ल,राकेश गिरि, बृजलाल, हकीम अंसारी, अच्छेलाल, शकुन्तला आदि लोगो ने प्रतिभाग किया।


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