रिपोर्ट:इम्तियाज खान,बल्दीराय सुल्तानपुर
""आज तकदीर संवर जाने दो।
मुझे अजमेर में मर जाने दो।।”"
अज़ीज़ नाजा
हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल बल्दीराय तहसील के पटैला गांव के पास है बाबा की मजार
बल्दीराय/सुलतानपुर।बल्दीराय तहसील के पटैला गांव स्थित दादा शहीद मर्द बाबा की मजार पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तीन दिवसीय उर्स (जलसा) का आयोजन आज से किया गया है। 1 फरवरी रात में महिलाओं का इस्तिमा(दिनी बातें),2 फरवरी रात में तक़रीर व नातिया कलाम (जलसा)व 3 फरवरी रात्रि में कव्वाली का प्रोगाम किया गया है,जिसमे हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल अजीज नाजा मुम्बई,मोहमद ताहिर चिश्ती दिल्ली,रुबीना व सबीना,नेहा नाज फैज़ाबाद सहित कई कव्वाल अपने अपने कलाम पेश किये।
रूवीना सबीना नें कव्वाली में ऐसा शमा बांधा पूरी महफिल झूम उठीं कार्यक्रम के तीनों दिन मेला व लँगरे-आम की ब्यवस्था भी की गई है गांव वालों के मुताबिक दरगाह बहुत ही पुरानी है। हिन्दू मुस्लिम दोनों सम्प्रदाय के व्यक्ति आस्था से पेश होते है और उनकी मुरादें भी पूरी होती है बाबा के मानने वालों में दिल्ली, मुम्बई,कानपुर,गाजीपुर, प्रयाग,सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में शाहिद अहमद,अम्मर, डॉक्टर नफीस, पत्रकार पीर मोहम्मद, पत्रकार इम्तियाज़ खान,कांग्रेस नेता फतेह बहादुर,पूर्व प्रधान निसार अहमद,प्रधान तुफैल अहमद,जुनेद बीडीसी,बब्बू बीडीसी,कुन्नू,गफ्फार,बन्ने, सुशील,सनने,मुस्तकीम खान, राशिद,हाजी इसरार अहमद,मुश्फिक अहमद,सन्नी, मुफीद अहमद बी डी सी आदि लोग जलसे की ब्यवस्था देख रहे हैं। बल्दीराय थानाध्यक्ष अशोक कुमार मय टीम के साथ डटे रहे कार्यक्रम का आयोजन बाबा सैय्यद मीरशाह चेरीटेबल ट्रस्ट द्वारा किया गया।संचालन गफ़्फ़ार अहमद ने किया।

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