अखिलेश्वर तिवारी
7 अप्रैल को पूर्णाहुति व शोभायात्रा के बाद महायज्ञ का होगा समापन
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर जिला मुख्यालय के आर्य वीर दल, आर्य युवक परिषद एवं नववर्ष आयोजन समिति के तत्वाधान में ओम भवन में 36 दिनों तक चलने वाले चतुर्वेद शतकर्म महायज्ञ का रविवार 3 मार्च को प्रारंभ हुआ वैदिक मंत्रों के बीच आहुति डालकर चतुर्वेद सरकर महायज्ञ का शुभारंभ किया गया में।
"हम अंग्रेजों के नहीं गुलाम, जनवरी से मेरा क्या है काम"
"जनवरी मे न बौरायेंगे, चैत्र में अपना नववर्ष मनाएंगे"
जय घोष तथा वेद मंत्रोच्चार के साथ विधिवत शुभारंभ किया गया। हरदोई से आए पंडित नेम प्रकाश आर्य," नाम जप ले प्रभु का सुबह-शाम बाबू" व " ओम नाम क सुमिरन करले" भजन सुनाते हुए इस महिमा का गुणगान किया और दिल्ली से आए क्रांतिकारी सन्यासी स्वामी शिवानंद सरस्वती ने देश की आजादी में भगत सिंह, सुखदेव राजगुरु, आजाद लहरी,
राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां व लाला लाजपत राय सहित 85% आर्य समाज के बलिदान का इतिहास सुनाते हुए बताया कि महर्षि दयानंद द्वारा लिखा गया सत्यार्थ प्रकाश ही आजादी के दीवानों के प्रेरणा स्रोत रहा है । उन्होंने कहा कि आज भी हर हिंदू के घर में सत्यार्थ प्रकाश होना आवश्यक है ।
इसके उपरांत देवीपाटन मंडल का आर्यवीर सम्मेलन तथा राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत व आधुनिक अर्जुन की उपाधि प्राप्त पंडित नेम प्रकाश आर्य की धनुर्विद्या का अद्भुत प्रदर्शन हुआ । प्रदर्शन के दौरान बाण से सभा अध्यक्ष का माल्यार्पण, आंखों में पट्टी बांधकर शब्दभेदी बाण से लक्ष्य भेदन, एक बाण से 7 लक्ष्य भेदन, प्रतिबिंब देख कर पीछे से आ रहे शत्रु पर लक्ष्य भेदन, छुपाए गए लक्ष्य को बिना आवाज सुने वायु स्पर्श से सूंघ कर भेदन प्रमुख है ।
कार्यक्रम के संयोजक अशोक तिवारी आर्य ने बताया कि ओम भवन में आरंभ हुआ यह यज्ञ 36 दिनों तक चारों वेदों की प्रमुख मंत्रों की आहुति के साथ चलता रहेगा । इस महा यज्ञ का 7 अप्रैल को पूर्णाहुति होगी और उसी दिन 525 ओम ध्वज व ओम पगड़ी धारी आर्यवीरों की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी जो ओम भवन से आरंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई रामलीला मैदान में समाप्त होगी । शोभा यात्रा समाप्ति के उपरांत रामलीला मैदान में ही 10 बजे रात्रि तक भजन प्रवचन एवं शंका समाधान का कार्यक्रम चलेगा ।
मुख्य कार्यक्रम के अतिरिक्त 5 अप्रैल को छोटा धुसाह, विकास भवन एवं राम लीला मैदान, 6 अप्रैल को बड़ा धुसाह में समय माता मंदिर पर एवं 8 ,9 व 10 अप्रैल को ललिया में भी यही कार्यक्रम आयोजित होंगे । उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी व्यक्ति के बजाय मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि 33 कोटि देवी को बनाया गया है तथा सांसद विधायक चेयरमैन सहित सभी राजनेता तथा सभी जनता स्वागत समिति में है जो मिलकर ईश्वर एवं देवताओं का पूजन करके सृष्टि नव वर्ष १९६०८५३१२० का स्वागत करेंगे ।
आज के कार्यक्रम में तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, महाराज दत्त शुक्ला, दिनेश अग्रवाल व देव मणि तिवारी सपत्नीक यजमान तथा सेतु बाबा सेतबंध तिवारी, उत्सवानंद मिश्र, विजय शुक्ला, माहेश्वरी तिवारी, डॉ दिनेश, कृपाराम, विक्रम , हरिकांत मिश्रा, सदर विधायक पलटू राम, पवन शुक्ला एवं महामंत्री सत्य प्रकाश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में आर्य वीर उपस्थित थे ।



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