पांच हजार वर्ष पूर्व महाभारत काल का बताया जाता है शिवलिंग
ए. आर. उस्मानी / अजीज हसन सिद्दीकी
गोण्डा। महाशिवरात्रि के अवसर पर सोमवार को पौराणिक बाबा पृथ्वीनाथ शिव मंदिर के विशालकाय शिवलिंग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। महाशिवरात्रि पर महिला व पुरुष व्रत रखकर मनवांछित फल की कामना करते हैं। एक दिनी महाशिवरात्रि मेला की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
खरगूपुर नगर पंचायत से तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित भीम द्वारा स्थापित पौराणिक पृथ्वीनाथ मंदिर है। महाशिवरात्रि का विशेष महत्त्व है क्योंकि इसी दिन भोलेनाथ व पार्वती जी का विवाह हुआ था। मान्यता है कि इस भू-भाग में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अलग-अलग स्थानों पर भव्य शिवलिंगों की स्थापना की थी।
इनमें सबसे प्रमुख पृथ्वीनाथ में भीम, पचरन नाथ में अर्जुन तथा निकटवर्ती विशेश्वरगंज थाना के इमरती गांव में एक ही गर्भ गृह में नकुल एवं सहदेव ने शिवलिंगों की स्थापना की थी। उक्त शिवलिंग प्राचीन काल की विशालकाय लाट गुप्त काल की बताई जाती है। इन सभी में पृथ्वीनाथ स्थित मंदिर में स्थापित 5 फुट ऊंचा शिवलिंग काले कसौटे दुर्लभ पत्थरों से बना हुआ है।
कालान्तर में यह भू-भाग जंगलों से घिरा हुआ था। अज्ञातवास के दौरान पांचों पांडव अपनी माता कुंती के साथ यहां रुके थे। उसी समय भीम ने पृथ्वीनाथ मन्दिर में सात खण्डों के शिवलिंग की स्थापना कर पूजा-अर्चना की।
धीरे-धीरे यह खंडहर में परिवर्तित हो गया। टीले पर स्थित इस मंदिर के बारे में जानकारों का कहना है कि मुगल सम्राट के कार्यकाल में उनके किसी सेनापति ने यहां पूजा अर्चना की थी और मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था।
भीम द्वारा स्थापित यह शिवलिंग धीरे-धीरे जमीन में समा गया। कालांतर में खरगूपुर के राजा मानसिंह की अनुमति से यहां के निवासी पृथ्वीनाथ सिंह ने मकान निर्माण कराने के लिए खुदाई शुरू करा दी। उसी रात में पृथ्वी सिंह को स्वप्न में पता चला कि नीचे सात खंडों का शिवलिंग दबा हुआ है। उन्हें एक खंड तक शिवलिंग खोजने का निर्देश हुआ। इसके बाद शिवलिंग खुदवाकर पूजा-अर्चन शुरू करा दिया गया और उनके नाम पर ही पृथ्वीनाथ मंदिर पड़ गया।
लगभग चार दशक पूर्व पुरातत्व विभाग की जांच में पता चला कि एशिया का सबसे बड़ा यह शिवलिंग है, जो पांच हजार वर्ष पूर्व महाभारत काल का है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक तथा दर्शन पूजन करने से लोगों को मनवांछित फल प्राप्त होता है। यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर सोमवार विशाल मेले का आयोजन होगा। प्रशासन द्वारा मेले के लिए साफ सफाई, प्रकाश, पेयजल आदि की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
थानाध्यक्ष सन्तोष तिवारी ने बताया कि मेले को शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय थाना के अतिरिक्त जिला मुख्यालय से दरोगा तथा महिला पुरुष आरक्षी सहित यातायात पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है।



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