ए. आर. उस्मानी
लखनऊ। विवेचक की मनमानी पर अब अंकुश लगेगा। पाक्सो एक्ट से लेकर अन्य गंभीर मामलों में यूपी काप ऐप के जरिए प्रकरण में होने वाली प्रगति से न सिर्फ आवेदकों को अवगत कराया जाता रहेगा, बल्कि संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी इसकी समय पर सूचना जाती रहेगी। डीजीपी ओपी सिंह ने इस नई सेवा को शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं।
असल में सेवा सिटिजन सर्विसेज के तहत लांच किए गए यूपी काप ऐप में लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर आवेदन करने वालों को पुलिस ने एक और सुविधा देनी शुरू कर दी है। आवेदकों को पुलिस एसएमएस भेज कर उनके मामले में हो रही प्रगति की जानकारी देगी। ऐप अपने आप ही कंप्यूटराइज्ड तरीके से एसएमएस भेजता रहेगा। आला अफसरों का मानना है कि जब वादी को हर जानकारी मिलती रहेगी तो विवेचकों की मनमानी पर खासा अंकुश लग सकेगा।
पाक्सो एक्ट के मामलों पर होगी खास नजर
इसमें पाक्सो एक्ट पर खास ध्यान रखा जा रहा है। सर्वोच्च अदालत ने इस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में 60 दिन में आरोपपत्र दाखिल किए जाने के निर्देश दिए हुए हैं। यूपी काप 31, 40, 50 व 55वें दिन पर विवेचक, संबंधित थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी को एसएमएस भेज कर अलर्ट करता रहेगा।
इसके बाद अगर 60 दिन तक मामले में आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ, तो विवेचक के अलावा, थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, जिले के पुलिस कप्तान, रेंज के डीआईजी व जोन के आईजी तक को एसएमएस से यह सूचना पहुंच जाएगी कि समय पूरा होने पर भी अभी तक आरोपपत्र दाखिल नहीं हो सका है। ऐसे ही अन्य गंभीर मामलों में भी होगा। हालांकि इसमें एसएमएस की सूचना जिले के कप्तान व निचले स्तर के अन्य पुलिस अफसरों तक ही पहुंचेगी।


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