अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। देश के तमाम कारखानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा ऐसे स्थान जहां पर श्रमिकों का नियोजन किया गया हो वहां पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहे इसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 4 मार्च 1966 को घोषित किया गया था । प्रत्येक वर्ष 4 मार्च से 10 मार्च तक सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता रहा है ।
इस सप्ताह के अंतर्गत प्रतिष्ठानों में नियोजित श्रमिकों के अलावा समस्त अधिकारियों कर्मचारियों के लिए प्रतिष्ठान की प्रवृति के हिसाब से सुरक्षा के नियमों को भी लागू किया गया । कुछ नियम सभी जगह सामान्य है जिसमें सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट व सेफ्टी शूज प्रमुख हैं । इसके अलावा कारखाना व कार्य की प्रवृत्ति के हिसाब से सुरक्षा संसाधनों में बढ़ोतरी भी किया जाता है जिसका पालन सभी को करना चाहिए ।
जानकारी के अनुसार बलरामपुर चीनी मिल के यूनिट जमकर डिवीजन में 4 मार्च से 10 मार्च तक सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया गया । सुरक्षा सप्ताह के दौरान स्लोगन प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, साफ सफाई की प्रतियोगिता तथा रखरखाव की प्रतियोगिता सहित कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई ।प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया तथा प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बलरामपुर चीनी मिल के महाप्रबंधक विधि एवं कार्मिक राजीव अग्रवाल ने सभी से सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील की । महाप्रबंधक महेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षा स्वयं के लिए की जाती है, इसलिए जरूरी नहीं कि उसके लिए नियम ही बनाए जाएं । नियम बनाकर थोपने से ज्यादा जरूरी है लोग स्वयं जागरूक हो और सुरक्षा का ध्यान रखें । कार्यक्रम में स्टोर प्रबंधक दयानंद विश्वकर्मा, रमन प्रीत सिंह, एसपी सिंह, अमरजीत प्रसाद, प्रशांत सिंह, राम मोहन सिंह व जीपी शर्मा के अलावा श्रमिक प्रतिनिधि ए पी तिवारी, आरके मिश्र तथा केएल यादव ने अपने विचार व्यक्त किए ।
सभी वक्ताओं ने सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानते हुए अनिवार्य रूप से सुरक्षा का पालन करने की बात कही । यह भी कहा गया कि कोई भी श्रमिक सुरक्षा को नजरअंदाज कर कार्य ना करें दबाव में भी सुरक्षा को नजरअंदाज ना किया जाए । वहीं कारखाना या संस्थान अच्छा माना जाता है जहां पर 0% घटनाएं हो और उत्पादन शत प्रतिशत हो । यह सौभाग्य की बात है कि पिछले कुछ वर्षों से डिस्टलरी मे ऐसा ही वातावरण देखने को मिल रहा है । कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण, स्वास्थ्य व सुरक्षा से संबंधित शपथ भी दिलाई गई की "आज के दिन मैं सत्य निष्ठा पूर्वक प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं पुनः अपने आप को सुरक्षा स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के बचाव के प्रति समर्पित कर लूंगा और नियमों, विनियमों तथा कार्य विधियों के पालन हेतु यथाशक्ति प्रयत्न करूंगा ।
निश्चित रूप से इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरणादायक अभिवृत्तियों तथा आदतों का विकास करूंगा । मेरी पूर्ण रूप से मान्यता है कि दुर्घटनाएं तथा बीमारियां राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को दुर्बल बनाती हैं तथा यह विकलांगता, मृत्यु व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक एवं संपत्ति की क्षति, सामाजिक कष्ट तथा पर्यावरण को अपकृष्ट बनाती हैं । मैं स्वयं अपने परिवार, संगठन, समाज एवं राष्ट्रहित में इन दुर्घटनाओं व व्यवसायिक बीमारियों की रोकथाम तथा पर्यावरण के बचाव के लिए हर संभव प्रयत्न करूंगा" । शपथ के उपरांत प्रतियोगिता में प्रतिभाग किए श्रमिकों तथा अधिकारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया । इस दौरान यशपाल सिंह, अनिल सिंह, सतीश यादव, अमित सिंह, महेंद्र रंजन श्रीवास्तव, कृष्णराम गुप्ता, समीर कुमार सिंह व कर्मेंद्र सिंह सहित तमाम अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे ।


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