सुनील उपाध्याय
बस्ती : गांधीनगर मे जिस पक्के कुएँ (ब्याहुता) के कारण पक्का बाजार, गांधी नगर का नामकरण हुआ वह आज गंदगी एवं अवैध अतिक्रमण का शिकार होकर पार्किंग के रूप में तब्दील हो गया है, इस कारण शादी विवाह के प्रारम्भ की प्रक्रिया ब्याहुता कुएँ की पूजन प्रक्रिया अवरोधित हो गया है। जबकि कम्पनी बाग से लेकर रोडवेज तक के नागरिक अपने बच्चों के विवाह के अवसर पर रामप्रसाद गली स्थित इसी ब्याहुता कुएँ का पूजन कर विवाह की प्रक्रिया का प्रारम्भ करते हैं।
ज्ञातव्य हो कि कुएँ के परिसर पर अगल-बगल के लोगों ने अतिक्रमण कर उसके परिसर को जहां सिकोड़ दिया है वहीं कुएँ के जगत को जमींदोज कर परिसर पर टंकी स्थापित कर उसे किराये पर भी चलाया जा रहा है। साथ ही अण्डे की दुकान सजाकर कुएँ की धार्मिक मान्यता को क्षति पहुँचा रहा है।
पूर्व में कुएँ के जगत परिसर के किनारे कूड़ापात्र स्थापित था परन्तु कई वर्षों पूर्व परिसर पर टंकी स्थापित करने वालों ने कूड़ापात्र को हटा दिया गया था। आसपास के लोग कुएँ के परिसर पर ही अपने घरों के कूड़ों को फेंककर गंदगी का ढेर जमा दिए हैं। इस समय शादी विवाह का अवसर है और इस ब्याहुता कुएँ का पूजन करने वाले तमाम परिवार नित प्रतिदिन दुश्वारियों का सामना करते हुए धार्मिक व वैदिक अनुष्ठान किसी तरह से पूरा कर पाते हैं।
आस पास के लोग गंदगी करने के साथ ही अपने चार पहिया वाहनों एवं मोटर साइकिलों हेतु इस ब्याहुता कुएँ के परिसर को अवैध पार्किंग बना रखा है इससे भी पूजन एवं रीति रिवाज निभाने में सदैव कष्टकर रहता है।
इस सम्बन्ध में नागरिकों ने कई बार जिला प्रशासन एवं नगर पालिका प्रशासन तक गुहार लगायी जो आज तक नक्कारखाने की तूती साबित हो रहा है।


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