गोंडा: कसौधन समाज मनकापुर का होली मिलन समारोह शनिवार को श्री कसौधन धर्मशाला समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता भरत लाल गुप्ता एवं संचालन सुप्रसिद्ध गीतकार सतीश आर्य ने किया।
रमा कश्यप ने पढ़ा- घायल भारत चीख रहा है, चीख सुनाने आई हूं। उमाशंकर दुबे उदय ने पढ़ा- तुम हिमालयवनों कंदरा न बनो, देश सेवा करो अप्सरा ना बनो। नारी का हक अगर चाहती नारियां, उमिला सब बनो मन्थरा ना बनो।।
कवियत्री इशरत सुलताना ने पढ़ा- आतंक के शहर में हम प्यार बांटते हैं, बच्चों में अपने हम तो संस्कार बांटते हैं। बृजराज जी ने पढ़ा- देह से फागुनी गंध आने लगी, शर्म जाने लगी।पूजा मनमोहिनी ने पढ़ा- सतरंग में सवरकर दिखती हसीन है, मैली कभी न होती रहती नवीन है। है कौन वो अभागा इसका नही बने, कर देती मस्त सबको सपेरे की बीन है।।
वीडियो कवि सतीश की प्रस्तुत
मंच संचालन कर रहे सतीश आर्य जी ने पढ़ा- घूंघट खोल हंसे तो लगे, मानव कूदि परै अंगना में अंजोरी। बांधी के आंचर फागुन के दिन, बूढ़ी जवान से खेलत होरी।
वीडियो कवि सतीश की प्रस्तुत 2
नारद ने पढ़ा- आती है होली संग में खुशियां लिये अपार, इक ओर से ही बांटती सभी को है उपहार। गंगा की तरह पावन- पावन करे जीवन, हर लेती कष्ट सारे सुख का करें प्रसार।। घनश्याम पांडे ने पढ़ा- लाज से लाल पलास हुए, अव आए गयी जानो गांव में गोरी। रविन्द्र पांडे ने सुनाया- नापाक इरादे है तेरे, और चाल तेरी शैतानी है।
काव्य प्रस्तुत
केदारनाथ ने पढ़ा पांच साल तक सम्भरै देखे, जस चुनाव नियरान। चाय, समोसा खाली खातिर, जनता रही भुखान।। कसौधन समाज के हास होली मिलन समारोह में सभी सजातीय बंधुओं की अपार भीड़ रही।गोंडा कसौधन समाज के अध्यक्ष विपिन लोहिया तथा अन्य स्थलों के भी कसौधन समाज के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम मे पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष नगर पंचायत मनकापुर के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता रहे।


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