अखिलेश्वर तिवारी / राजेश दूबे
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर के लगभग सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने तथा नवनिर्मित तालाबों में पानी का अभाव अभी से शुरू हो गया है । कम बरसात होने के कारण जो समस्या मई माह में होती थी वहीं जल संकट इस वर्ष अभी से दिखाई देने लगी है ।
तालाबों में पानी समाप्त होता जा रहा है जिसके कारण पशु तथा पक्षियों को पीने के पानी का संकट मंडराने लगा है । प्रायः तालाबों में पानी बरकरार रखने की जिम्मेदारी ग्राम सभाओं को दी गई है परंतु अभी तक ग्राम प्रधान भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं ।
जानकारी के अनुसार विकास खंड रेहरा बाजार में जल संकट से बेहाल किसान, पशु पक्षियों के लिए की गयी वैकल्पिक व्यवस्था बेअसर साबित हो रही है। जल ही जीवन है जल के बिना इस धरती पर जीवन संम्भव नही है । इसीलिये केंद्र व राज्य सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायतो में गावो के विकास के लिए लाखों रूपये खर्च कर रही है। जिससे गांवो में पानी, तालाब गडढो में जल सनरक्षण तथा जल निकासी की व्यवस्था समुचित तरीके से हो सके।
लेकिन आलम यह बना हुआ है अभी तक गांवो में खोदे गये तालाबो में पानी तक नही भरवाया गया है। बढ़ती गर्मी से परेशान होकर जंगली जानवर और पशु पक्षियों के लिए जल का स्श्रोत खोजना टेढ़ी खीर बन गया है। ग्राम सभा छितलूपुर निवासी प्रहलाद, राजकुमार, लक्ष्मण सहित तमाम लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष जल संरक्षण के लिए तालाब की खोदाई कराई गयी।
लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद भी इन तालाबो में पानी नही भरवाया गया। गर्मी शुरू होते ही गांवो के जानवरो तथा पशु पक्षियों को पानी पीने की समस्या बनती जा रही है। प्रधान छितलूपुर ने बताया कि पिछले वर्ष दो तालाबो की खोदाई कराई गयी तथा तालाबो मे पानी भरवाने का कार्य भी कराया गया था। इस वर्ष अभी तक तालाबों में पानी नहीं भराया गया है ।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ