गोण्डा:शानिवार रात्रि झंझरी के मोकलपुर में मुख्य यजमान श्री मति सावित्री देवी एवं रमासंकर चौबे( पूर्व प्रधान) के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ हुआ, कथा के तीसरे दिन कथा व्यास श्री एक हजार आठ महराज श्री कमलनयनदास जी महाराज उतरा आधिकारि छोटी छावनी जी महराज ने अपने वाणी से भाव विभोर होकर कहते है कि कथा कपिल भगवान ने माता देवदूत से कहा था कि अगर ये सकती ही सुख दुःख का कारण है, यदि संसार में ये आसक्ति है तो दुख का कारण बन जाती है, सती प्रसंग ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहते हैं कि भगवान ने प्रभु जी को उनकी रूचि के अनुसार दस हजार कानों की शक्ति प्राप्त करने का वरदान दिया था ,जिससे वे अर्धनिस प्रभु का गुणगान सुनते रहे ,मैं स्वयं पुत्री रूप में तुम्हारे जन्म लेकर अपनी लीलओं का विस्तार करूंगी ,फलता भगवती आधा ने सति रुप मे दक्ष के यहाँ जन्म लिया और सति दक्ष की सभी पुत्रियो में अलौकिक थी और शिव आदि पुरुष थे,जब सति विवाह योग्य हुई तो दक्ष को उनके लिए वर की चिंता हुई और ब्रह्वा जी से परामर्श किया ,शिव जी समाधिस्थ हो गए,सति दुःख और पश्राताप की लहरो में डूबने उतारने लगी थी ।।।।।।
इन अवसर पे गिरजा शंकर चौबे ,भगवान दास पाठक, डॉक्टर विभूति प्रसाद तिवारी,राजेश शुक्ला संग्रह अमीन, राकेश पाठक, लालजी शुक्ला, महेश चौबे पूर्व प्रधन एव छेत्र पंचायत सदस्य, कमलेश चौबे, अभिषेक चोबे देवास चोबे अन्य तमाम लोग एकत्रित हुए,,,,,,,,,,,
अनंत श्री विभूषित महन्त श्री नृत्यगोपाल दास जी महाराज का आगमन 30 मार्च 2019 सुबह 9 बजे होना है ,,,आप लोग पहुँच कर प्रसाद ले और महराज जी का आशिर्वाद प्रप्त करे,,


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