अराजकतत्वों की हरकत से असुरक्षित यात्री, फिर भी मौन है प्रशासन
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। रोडवेज बस स्टॉप पर कुछ तथाकथित दबंग व्यापारियों का दबदबा कायम है जो आए दिन बस के चालक, परिचालक और यात्रियों से भी मारपीट तथा अभद्रता करते रहते हैं।
ताजा मामला बुधवार की शाम करीब साढ़े तीन बजे का है जब रोडवेज बस नंबर यूपी 43T 4331 गोंडा डिपो लखनऊ के लिए चलने ही वाली थी कि व्यापारी बस में चढ़ा और यात्रियों से उलझ गया।
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बताया जाता है कि व्यापारी के बस में चढ़ते ही मंगल पाण्डेय नाम का यात्री भी चढ़ा और रास्ते में खड़े व्यापारी से आगे से हटने के लिए कहा। बस धीरे धीरे चलने लगी और व्यापारी तथा यात्री के बीच तकरार बढ़ने लगी। बेलगाम व्यापारी यात्री से अकारण ही उलझ गया।
बस के परिचालक राहुल शुक्ला ने व्यापारी को बस से उतर जाने को कहा। इस पर वह परिचालक से भी उलझ गया और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। परिचालक ने व्यापारी से फिर उतर जाने के लिए कहा क्योंकि बस लखनऊ के लिए चल चुकी थी लेकिन व्यापारी गाली गलौज पर उतर आया।
व्यापारी ने चैलेंज देते हुए कहा कि औकात हो तो उतार कर दिखाओ। मैं बस से नहीं उतरूंगा, तुम्हें जो करना हो कर लो। यात्रियों ने भी व्यापारी को समझाने की कोशिश की लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा और यात्रियों को भी भद्दी भद्दी गालियां देते हुए हाथापाई करने लगा। किसी तरह से यात्रियों की मदद से उसको बस से नीचे उतार कर चालक ने बस को लेकर भागने की कोशिश की।
व्यापारी अपने चार अन्य साथियों को लेकर दूसरे रास्ते से कचहरी के पास बस के आगे खड़ा होकर जबरन रोक लिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बस का गेट तोड़ने लगा। चालक राकेश पाण्डेय व परिचालक राहुल शुक्ला को जान से मारने की धमकी तक दे डाला। किसी तरह से यात्रियों के बीच बचाव कराने के बाद बस लखनऊ चारबाग के लिए रवाना हो सकी।
यहां सवाल यह उठता है कि क्या इसी तरह रोडवेज बसों पर दबंग और बेलगाम तथाकथित व्यापारियों की गुंडागर्दी और तानाशाही चलती रहेगी ?
आखिर इनके विरूद्ध कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है ? यदि प्रशासन ने इस तरह के अराजक लोगों के विरूद्ध कठोर कदम उठाते हुए कोई ठोस कार्यवाही नहीं की तो आने वाले समय में किसी बड़ी अनहोनी या घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।


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