मेडिकल कॉलेज के साथ अब इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए भी संघर्ष करेंगे अविनाश
राजनेताओं की नीति और नीयत में है खोट : अविनाश सिंह
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। मेडिकल कॉलेज की मांग पर जिले के राजनेता गूंगे बहरे बने हुए हैं और शासन-प्रशासन भी कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। जनता के सेहत की फिक्र कुछ जुझारू-उत्साही नवजवानों को ही है, जिसका नेतृत्व कर रहा है जांबाज युवा छात्र अविनाश सिंह।
सामाजिक सरोकार से लगाव रखने वाले अविनाश सिंह का कहना है कि देवीपाटन मंडल मुख्यालय गोण्डा में मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ इंजीनियरिंग कॉलेज की भी बहुत जरूरत है। उनका कहना है कि यहां करीब 5 लाख युवा हैं, तब भी न यहांं मेडिकल कॉलेज है और ना इंजीनियरिंग कॉलेज ही है। यहां के नेता केवल लूटना जानते हैं। भोली भाली जनता को जाति धर्म के नाम पर बरगलाकर वोट लेना जानते हैं। विकास की बातें तो जैसे ये जानते ही नहीं हैं। अविनाश सिंह ने कहा कि 2007 में 44 करोड़ से बनना राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बनना था। वर्ष 2016 में इसका शिलान्यास भी किया गया, जिसकी प्रथम क़िस्त 10 करोड़ आ भी गयी थी, लेकिन नेताओं की कमीशनखोरी और अड़ंगेबाजी के चलते इस पर ब्रेक लग गया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा 2018 तक निर्धारित की गई थी। मण्डल मुख्यालय होने पर भी जनपद को मेडिकल कॉलेज मिला, न ही इंजीनियरिंग कॉलेज।
गोण्डा जिले की आबादी लगभग 32 लाख है, फिर भी जनता को मेडिकल कॉलेज व इंजीनियरिंग कॉलेज से दूर रखा गया है। यहां के जनप्रतिनिधियों से कोई मतलब नहीं है। राजनेता केवल लूटना जानते हैं। इसीलिए मुझे आगे आना पड़ा और मैं जनपद की जनता से वादा करता हूं कि हर प्रकार का संघर्ष करूंंगा और हमारे जिले को मेडिकल कॉलेज के साथ साथ इंजीनियरिंग कॉलेज भी मिलकर रहेगी। इसके लिए मुझे जो भी करना पड़े, सहर्ष करूंगा। उन्होंने कहा कि गोण्डा के नेता चुनाव में आते हैं और लॉलीपॉप देकर चले जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
हर कीमत पर इन्हें मेडिकल कॉलेज देना होगा और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का कार्य पूरा कराना होगा। अन्यथा आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। अविनाश सिंह ने बताया कि वे अपनी इन मांगों को लेकर फिर रक्तदान करने जा रहे हैं। यह सिलसिला अनवरत तब तक जारी रहेगा, जब तक गोण्डा की जनता को मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं मिल जाता है।


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