UP में सरकार से नाराज 66 हजार किसानों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान
वासुदेव यादव
बस्ती। जिला से सटे सुगर मिल वाल्टरगंज के सैकड़ों कर्मचारी और किसानों ने बकाया भुगतान नहीं होने से नाराज होकर चुनाव के बहिष्कार का अब ऐलान कर दिया है । इस चुनाव बहिष्कार में बस्ती जिले के 66 हजार किसान शामिल होंगे । यह वह किसान हैं जो अपना गन्ना सुगर मिल में लेकर आते रहे हैं । लेकिन भुगतान नही पा सके है। उनको केवल अफसर व सत्ता के नेता जुमला दे रहे है।
बस्ती के वाल्टरगंज सुगर मिल के गेट पर धरने पर बैठे किसान बेहद गुस्से में है । किसानों का आरोप है कि उन्हें सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि होली से पहले उनका गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा मगर ऐसा नही किया गया और सैंकड़ों किसानों व मिल के कर्मचारियों के घर मे होली की मिठाई तक नही आ पाई। किसानों का कहना है कि वह अपनी फसल बेचकर सरकार की तरफ टकटकी लगाए देख रहा है कि उनका हक सरकार कब वापस करेगी, जबकि मिल में काम करने वाले कर्मी भूखमरी के कगार पर पहुच चुके है, इसके बाद भी सरकार को किसानों पर कोई दया नही आ रही है ।
ज्ञात हो कि वाल्टरगंज सुगर मिल पर गन्ना किसानों का 43 करोड़ का बकाया है और मिल कर्मियों का 6 करोड़ का बकाया है। लिविंग रेडियस ग्रुप ने बस्ती की वाल्टरगंज सुगर मिल को हाल ही में बजाज ग्रुप से खरीदा है लेकिन इस ग्रुप ने भी न तो मिल चालू की और न ही किसानों का 49 करोड़ का भुगतान किया। किसानों का करोड़ों बकाया दबाकर बैठे मिल मालिक महीनों तक उन्हें केवल फर्जी आश्वासान देते रहे मगर अब किसानों का सब्र जवाब दे गया है । किसानों की सुधि लेने वाला अफसर न सत्ता का कोई नेता नही है। सबने किसानों को अब तक छला है।
वोट बहिष्कार की अगुवाई कर रहे जिला पंचायत सदस्य व जन लोकप्रिय किसान नेता राम प्रकाश ने कहा कि अब बहुत हो गया है, किसान कब तक ठगा जाता रहेगा, सिर्फ आश्वासन मिल रहा और किसान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा, इस बार किसान अपने अधिकार का उपयोग करेगा और वोट किसी को नहीं देगा। उन्होने कहा कि हर हाल में किसानो का बकाया व कर्मी का वेतन दिया जावे नही तो हम लोग चैन से बैठने वाले नही है। हम जनता के सेवक है। जनता की मांगें जल्द पूरी हो, उनका भुगतान व मिल कर्मी का वेतन हर हाल में मिल मालिक अफसर, जिला के अधिकारीगण व सत्ता के नेता दिलावे।


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