Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

भारतीय नववर्ष के अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा







अखिलेश्वर तिवारी 
बलरामपुर ।। भारतीय नव वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि को मनाए जाने का प्रावधान आदिकाल से रहा है । बीच में अंग्रेजी महीना के हिसाब से एक जनवरी को नववर्ष मनाने का प्रचलन शुरू हो गया था । 


एक बार फिर आर्य वीर दल ने भारतीय नववर्ष को पुनः जागृत करने का बीड़ा उठाया है और इसी उद्देश्य को लेकर चेतना यात्रा निकाली गई जिसके माध्यम से भारत के तमाम लोगों से नव वर्ष चैत्र के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि को मनाने की अपील की गई ।

जानकारी के अनुसार जनपद बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित ओम भवन से विशाल चेतना यात्रा शोभा यात्रा के रूप में निकाली गई जिसके माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया की भारत में नव वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है । इस दिन यज्ञ करके नववर्ष मनाने का प्रावधान है । 

शोभायात्रा में बड़ी संख्या में मौजूद आर्य वीर दल के लोग यह संदेश देने का प्रयास किए कि भारतीय नव वर्ष चैत्र मास में ही मनाएं ।संयोजक अशोक आर्य का कहना था कि एक जनवरी को शराब पीकर खुशियां मनाने से लोग बिगड़ते हैं वहीं चैत्र माह मे यज्ञ करके नववर्ष मनाने से लोगों के अंदर आत्मिक शुद्धि आती है । 


चैत्र मास के प्रतिपदा तिथि को वेदों की रचना हुई थी इसी तिथि को संसार में मानव जीवन की उत्पत्ति हुई थी जिसे महाराज विक्रमादित्य ने स्थापित किया था । आज ही के दिन दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना भी की थी । मानव सृजन वर्ष भी आज के दिन को कहा जाता है । अब तक एक अरब 96 करोड़ 8 लाख 53 हजार 119 वर्ष बीत चुके हैं । 120 वां वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को प्रारंभ हो चुकी है ।


 आर्य वीर दल के जिला अध्यक्ष डॉ तुलसी दुबे ने कहा की चैत्र प्रतिपदा मानव सृष्टि वर्ष कहा जाता है । विक्रम संवत की शुरुआत भी इसी दिन से होती है जिसे महाराज विक्रमादित्य ने प्रारंभ किया था । 2076 विक्रम संवत इस समय चल रहा है और हर भारतवासी को चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को ही नव वर्ष मनाना चाहिए ।


 शोभायात्रा में बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए आर्य वीर दल के लोग भारत माता की जय वेद माता की जय भारतीय संस्कृति अमर रहे के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे ।
शोभा यात्रा निकलने से पूर्व खलवा मोहल्ला स्थित ओम भवन पर यज्ञ का आयोजन हुआ जिसमें तमाम लोगों ने आहुति दी । यज्ञ के उपरांत शोभायात्रा प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गो से होता हुआ वापस ओम भवन पर समाप्त हुआ । यात्रा सिटी पैलेस, बड़ा पुल चौराहा, देवीदयाल तिराहा, गर्ल्स कॉलेज चौराहा होते हुए पुराना चौक से वीर विनय चौराहा, झारखंडी, पहलवारा से वापस होकर अंबेडकर तिराहा होते हुए वापस ओम भवन पर जाकर समाप्त हुआ ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे