पीड़ित प्रधानाध्यापिका ने थाने पर दी तहरीर, जांच में जुटी पुलिस
मोतीगंज थाना क्षेत्र के घरवासजोत प्राथमिक विद्यालय का मामला
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। एक प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को एमडीएम के चेक पर प्रधान से हस्ताक्षर बनवाने की पैरवी महंगी पड़ गयी। चेक पर हस्ताक्षर करने को लेकर शिक्षामित्र पद पर कार्यरत मौजूदा ग्राम प्रधान की पुत्रवधू तथा प्रधानाध्यापिका के बीच कहासुनी हो गई।
आरोप है कि इसी बीच शिक्षामित्र के परिजन आ धमके और शिक्षिका से मारपीट करने के साथ ही उसका हैण्ड बैग व मोबाइल आदि छीनकर जानमाल की धमकी देते हुए चले गए। पीड़िता ने स्थानीय पुलिस में नामजद तहरीर दी है। इस मामले में शिक्षामित्र द्वारा भी शिक्षिका के विरूद्ध तहरीर दी गई है। पुलिस तहरीर लेकर जांच में जुट गई है।
यह दुस्साहसिक घटना जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय घरवासजोत की है। विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका श्रीमती प्रियंका पत्नी जीत नरायन ने मोतीगंज पुलिस को तहरीर दिया है, जिसमें कहा है कि विद्यालय में वर्तनमान प्रधान की बहू नीलम सोनकर शिक्षा मित्र के पद पर तेैनाती है।अब से 15 दिन पूर्व एमडीएम के चेक पर प्रधान से हस्ताक्षर कराने को दिया, जिस के बारे में पूछने पर कहासुनी हो गयी।
शिक्षामित्र से कहासुनी शुरू हुई थी कि इसी बीच नीलम के परिजन व सहयोगी सुनीता पत्नी खुशी राम, राम बचन पुत्र खुशीराम, अभिलेख उर्फ झीगुरू पुत्र खुशीराम, देवी प्रसाद की पत्नी, अवधेश पुत्र अज्ञात, दुर्गा प्रसाद पुत्र कुन्नन निवासीगण उपरोक्त एकराय होकर विद्यालय में आ धमके और भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए मारने-पीटने लगे।
हैण्ड बैग, मोबाइल व रजिस्टर छीन कर भाग गये। जाते समय दबंगों ने प्रधानाध्यापिका को धमकाते हुए कहा कि हम लोग प्रधान के घर के हैं। कुछ बिगाड़ नहीं पाओगी। इतना ही नहीं, गुंडागर्दी की इंतिहा तो तब हो गई जब जाते समय विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को डांटकर भगा दिया गया।
वहीं दूसरी तरफ शिक्षामित्र नीलम सोनकर ने भी पुलिस को तहरीर दी है जिसमें कहा है कि प्रधानाचार्या ने पूछा कि क्या चेक पर हस्ताक्षर हुआ ? इस पर उसने बताया कि बैक डेट में कटा चेक पर हस्ताक्षर नहीं करा पाऊंगी, तो इसी बात पर नाराज होकर मेरी मोबाइल छीन कर पटक दी और मारने-पीटने लगी। प्रधान सुनीता सोनकर के प्रतिनिधि राजू सोनकर मार-पीट को निराधार बताते हैं।
मोतीगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि दोनों तरफ से तहरीर मिली है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रधानाध्यापिका प्रियंका को गत पांच अप्रैल को निलंबित कर कपूरपुर विद्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है।
वह बैकडेट में एमडीएम के चेक पर हस्ताक्षर बनाने का दबाव बना रही थीं। इसी बात को लेकर शिक्षामित्र तथा उसके परिजनों और प्रधानाध्यापिका के बीच विवाद हो गया। प्रभारी निरीक्षक ने ग्राम प्रधान व उसके परिजनों द्वारा मारपीट के आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों तरफ से तहरीर दी गई है। जांच कराई जा रही है। जांचोपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस सम्बंध में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार त्रिपाठी, राजेन्द्र प्रकाश तिवारी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी मीडिया प्रभारी, सर्वदेव शुक्ल न्याय पंचायत समन्वयक नौबरा आदि लोगों ने मोतीगंज थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया। श्री त्रिपाठी ने कहा कि यदि आरोपियों के विरूद्घ कठोर कार्यवाही नहीं की गयी, तो चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार भी किया जाएगा।



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