ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। कहते हैं कि खाकी वर्दी के अंदर भी दिल धड़कता है। मोतीगंज थाने की कहोबा चौकी पुलिस ने इस बात को सच साबित कर दिया है। चौकी पर तैनात कांस्टेबल राकेश कनौजिया ने सड़क के किनारे पड़े एक विक्षिप्त युवक को ना सिर्फ उठाकर कुर्सी पर बैठाया बल्कि भूख और प्यास से व्याकुल उस युवक को खीर खिलाकर पानी भी पिलाया। पुलिस के इस मित्रवत व्यवहार और मानवता की वहां मौजूद लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
जिले के मोतीगंज थाने की कहोबा पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल राकेश कनौजिया अपने मानवतापूर्ण सामाजिक कार्यों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। ठंडी के मौसम में हुई बारिश में बजाज चीनी मिल कुंदरखी गन्ना बेचकर वापस घर जा रहे वजीरगंज क्षेत्र के दो किसान भीग गये थे। कहोबा चौकी के पास ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी करके ठंड से वे थरथर कांप रहे थे। इस दौरान रात्रि गश्त पर अपने साथी के साथ निकले राकेश कनौजिया दोनों किसानों को चौकी पर ले गये और लकड़ी की व्यवस्था न होने के कारण गैस जलाकर दोनों को आग से सेकाई कराई तथा कम्बल ओढ़ाया तब जाकर उनकी ठंडी दूर हुई और दोनों किसान सामान्य स्थिति में आए थे। राकेश कनौजिया के इस मानवता की आज भी लोग मिसाल दे रहे हैं।
कहोबा चौकी के सिपाही राकेश कनौजिया अपने सहयोगी सिपाही किशन कुमार के साथ क्षेत्र से वापस लौट रहे थे कि दर्जीकुआं-मनकापुर मार्ग पर तेज धूप के बावजूद सड़क के किनारे एक युवक को निढाल पड़ा देखकर रूके और पास जाकर उसे बैठाए तथा नाम-पता पूछे लेकिन वह कुछ भी नहीं बता सका, क्योंकि वह विक्षिप्त था। युवक को भूख और प्यास से बेसुध देखकर सिपाही राकेश कनौजिया अपने सहयोगी कांस्टेबल किशन कुमार के साथ उसे एक दुकान पर ले गये और खीर खिलाकर पानी पिलाए। कांस्टेबल की इस मानवता की क्षेत्र के लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि सिपाही राकेश कनौजिया के इन कार्यों से सीख लेकर काश, सभी पुलिसकर्मी इसी तरह मानवता की मिसाल पेश करते।


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