सुनील उपाध्याय
बस्ती। दुबौली दूबे में चल रही भागवत कथा में बुधवार को श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जन्म होते ही ग्रामवासी व दूर दराज से आये भक्तगण झूम उठे। कथावाचक अर्जुन त्रिपाठी ने कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाते हुये कहा कि मनुष्य के जीवन में अच्छे व बुरे दिन प्रभु की कृपा से ही आते हैं। उन्होंने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती है तब तब भगवान किसी न किसी रूप में जन्म लेकर अधर्मियों को समाप्त करते हैं।
कहा कि जिस समय भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, जेल के ताले टूट गये, पहरेदार सो गये, वासुदेव व देवकी बंधन मुक्त हो गए। प्रभु की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है, कृपा न होने पर प्रभु मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देते हैं। भगवान का जन्म होने के बाद वासुदेव ने भरी यमुना पार करके उन्हें गोकुल पहुंचा दिया। वहां से वह यशोदा के यहां पैदा हुई शक्तिरूपा बेटी को लेकर चले आये। कृष्ण जन्मोत्सव पर नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत पर भक्त जमकर झूमे।
कथा व्यास ने कहा कि कंस ने वासुदेव के हाथ से कन्या रूपी शक्तिरूपा को छीनकर जमीन पर पटकना चाहा तो वह कन्या राजा कंस के हाथ से छूटकर आसमान में चली गई। शक्ति रूप में प्रकट होकर आकाशवाणी करने लगी कि कंस, तेरा वध करने वाला पैदा हो चुका है।
भयभीत कंस खीजता हुआ अपने महल की ओर लौट गया। उधर नंद बाबा के यहां बधाइयों को तांता लग गया। यजमान शत्रुहन दूबे व मोहरा दूबे ने जन्म के बाद भगवान की मंगलमय आरती की और उपस्थित जनों में साड़ी, वस्त्र व मिठाइयां बाँटी।
भक्तों ने भगवान का जन्मोत्सव धूम-धाम के साथ मनाया व भजनों पर ठुमके लगाये। वहाँ उपस्थित आचार्य हरिश्चंद्र शुक्ल, स्वामी शंकर मुनि, राजित राम दूबे सहित अन्य विद्वानो ने लोगों को पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद दिये व प्रसाद दिये।
इस अवसर पर राजेश दूबे, राकेश दूबे, कमलेश दूबे, अखिलेश दूबे, दुर्गेश दूबे, महादेव दूबे, विंध्याचल तिवारी, शिवनाथ चौबे, राजकुमार दूबे, रघुनाथ तिवारी, दिग्विजय नाथ तिवारी, बन्टू तिवारी, पहलवान तिवारी, सहदेव दूबे, अनिल दूबे, ओमप्रकाश दूबे, आशीष दूबे, रोहन दूबे, आदि ने जमकर उत्सव मनाया और बच्चों में उपहार बाँटें।


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