अमरजीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो। रुदौली तहसील क्षेत्र मे एक युवक को सीसी लिमिट बनवाना मंहगा पड़ गया और जमानत के तौर पर लगाई बिल्डिंग को बैक ने गुमराह कर बैक मित्र के नाम नीलाम कर दिया।पीड़ित ने पटरंगा पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है। पीड़ित श्रीचन्द्र यादव पुत्र भगौती प्रसाद यादव ने बताया कि मै पंजाब नेशनल बैंक शाखा रूदौली से 6 लाख की सी.सी लीमिट बनवा रखा था।और लेनदेन चल रहा था कि अचानक पत्नी की मानशिक हालत खराब हो गई ।इलाज के दौरान बैंक से लेनदेन मे दिक्कत होने लगी। जिसकी जानकारी मैंने शाखा प्रबंधक को दी। लेकिन शाखा प्रबंधक ने हमारी फरियाद को ठुकराते हुए जमानत राशि मे लगाई की दुकान को अधिग्रहण कर और दुकान को जखौली निवासी बिपिन मिश्रा बैंक मित्र एवं उनके सहयोगी रमाशंकर पाण्डेय के हाथ मकान को नीलाम कर गुपचुप तरीके बेच दिया। और मेरे नाबालिग लड़के का फर्जी दस्तखत दिखा करके मात्र 6 लाख 50 हजार मे बिल्डिंग को उक्त लोगो के हाथों बेच दिया।
पीडित का आरोप है कि बैंक ने बिना किसी सूचना या नोटिस के बिल्डिंग को नीलाम कर दिया।जानकारी होने पर डीएम को लिखित शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई जिसको डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के वकील की दलील सुनने के बाद 2 लाख रूपये समझौता कराते हुए धनराशि 26 अक्टूबर 2017 से 06 नवम्बर 2017 जमा करने का आदेश पारित किया।लेकिन जब निर्धारित समय पर 2 लाख रुपये लेकर जब डीएम के पास पहुंचा तो बिपक्षी के वकील ने बताया कि बिल्डिंग की बिक्री 05 अक्टूबर 2017 को हो गई है।
जबकि डीआरडी इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं फौजदारी बेच अयोध्या दीवानी कोर्ट अयोध्या मे मुकदमा बिचाराधीन हैं।प्रार्थी अपनी बिल्डिंग मे फैमिली मेंबर्स के साथ रह रहा था।कुछ मे किराएदार थे जो लगभग 6 वर्षों से रह रहे थे।18 अप्रैल को एसडीएम रूदौली ज्योति सिंह व पीएनबी सहायक मैनेजर नेहा यादव ने पटरंगा पुलिस की मदत से बिल्डिंग से सारे कीमती समानों को रोड पर फेंकवा दिया।किराएदारो के बिरोध करने पर जेल मे बिना जमानत ठूंसने की चेतावनी देते हुए कहा कि मेरे पास कोर्ट का आदेश है। उक्त लोगो को काबिज करा दिया जबकि कोर्ट का कोई आदेश नही था।


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