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अपराधियों पर है साइबर सेल की नजर, वापस कराए ठगी किए गए 27 हजार रूपये





ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। जिला पुलिस के साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी करके ठगे गए 27 हजार रुपए उनके खातों में वापस कराया है। 
          

साइबर सेल की प्रभारी रितु सिंह ने बताया कि उमाशंकर पुत्र राम उग्गर निवासी कालू पुरवा पकड़ी थाना कौड़िया के मोबाइल पर बीते दो मई को साइबर ठग द्वारा मोबाइल नम्बर 8084332874 से कॉल आया और कहा कि मैं पंजाब नेशनल बैंक का मैनेजर बोल रहा हूं। आपका खाता बंद होने वाला है। आप अपना एटीएम नंबर बता दें अन्यथा आपका एटीएम बंद हो जाएगा और आपके खाते से 35 फीसद धनराशि की कटौती हो जाएगी। इससे परेशान होकर उमा शंकर ने अपना एटीएम नंबर और ओटीपी बता दिया। इसके तुरंत बाद उसके खाते से 12 हजार रुपए कट गए। 
     

पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने इसकी जांच साइबर सेल को सौंपी। साइबर सेल ने मामले पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उमा शंकर से फ्रॉड की गई धनराशि में से सात हजार रूपये उसके खाते में वापस कराया। इसी तरह एक अन्य मामले में धानेपुर की प्रीति यादव से एटीएम कार्ड बंद होने के नाम पर साइबर ठग द्वारा ओटीपी लेकर 19999 रुपए खाते से काट लिए गए। इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए फ्रॉड की गई धनराशि को पीड़िता के खाते में वापस करवाया।


 रितु सिंह ने बताया कि एटीएम बंद होने, लॉटरी जीतने, मोबाइल टावर लगवाने आदि के नाम पर फोन करने वालों को कभी अपने बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी एटीएम नंबर या ओटीपी हरगिज न दें, अन्यथा आप साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अब एटीएम की क्लोनिंग करके बिना खाताधारक की जानकारी के भी पैसे निकाल ले रहे हैं। शॉपिंग कर लेते हैं अथवा दूसरे खाते में अन्तरित कर लेते हैं। उन्होंने लोगों को सुझाव दिया कि जिन एटीएम में गार्ड तैनात न हों, वहां से एटीएम का प्रयोग न करें। एटीएम मशीन का वह भाग, जहां कार्ड लगाया जाता है, उसे हिलाकर देख लें। यदि कोई कार्ड रीडर (स्किम्मर) लगा होगा तो वह निकल आएगा।


 ऐसी दशा में तत्काल बैंक व पुलिस को सूचना दें। साथ ही मशीन पर पिन डालते समय दूसरे हाथ से कीबोर्ड छिपा लें, जिससे आसपास छिपाकर लगाए गए कैमरे में वह रिकार्ड न हो सके। किसी भी अंजान व्यक्ति को कभी अपना कार्ड न दें तथा ऐसे लोगों से कभी किसी प्रकार की सहायता भी न लें। यदि कोई व्यक्ति काफी देर से एटीएम कक्ष में खड़ा है और वह बिना पैसा निकाले लोगों की निगरानी कर रहा है, तो इसकी भी सूचना तत्काल पुलिस को दें। रितु सिंह ने कहा कि हम अत्यधिक सतर्कता बरत कर साइबर अपराधों से बच सकते हैं।
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