अनीता गुलेरिया
दिल्ली : दिल्ली मे लोकसभा सीट के लिए हुए चुनाव-मतदान के चलते द्वारका श्याम-विहार के लोगों ने भारी रोष-व्यक्त करते हुए मीडिया से बताया, कि यहां पोलिंग-बूथ पर श्याम-विहार कॉलोनी फेज-1, Z- ब्लॉक से सैकड़ों की तादाद में वोटिंग-कार्ड होने के बावजूद लोगों का वोटर लिस्ट में नाम ना होने के कारण उन्हे अपने मौलिक-अधिकार, मतदान से वंचित होना पडा ।
समझ नही आ रहा, हम कई सालों से पुराने वोटर होते हुए भी मतदान से वंचित कैसे हो सकते हैं ? पोलिंग-बूथ पर श्याम-विहार डी-ब्लॉक से आए समाजिक- कार्यकर्ता सुनील नागराय ने मीडिया-समक्ष गुस्सा जाहिर करते हुए कहा,दिल्ली-मुख्यमंत्री का बार-बार यह कहना,भाजपा लोगों के वोट कटवाती है,लेकिन इस बार ज्यादातर भाजपा-वोटरों के नाम लिस्ट में ना होने के कारण मतदाता के पास वोटर-कार्ड होने के बावजूद उसे अपने मौलिक अधिकार,मतदान से वंचित होना पड़ा ।
यह सरासर-लोकतंत्र की अवहेलना के साथ-साथ एक भद्दा-मजाक नहीं तो और क्या है ? इसके लिए चुनाव-आयोग को सतर्कता व सुगम तरीके से काम करने की जरूरत है । आगे आने वाले विधानसभा-चुनाव में हम तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे ।
दिल्ली,चुनाव-आयोग निर्वाचन अधिकारी रनबीर सिंह मतदाता सुची पर बयान देते हुए
एक और मतदाता के अनुसार सुबह सात बजे से पोलिंग-सेंटर पर आए चालीस के करीब लोगो को बिना वोट डाले, दोपहर बाद अपने घर को निराशा-जनक स्थिती मे वापिस लौटना पडा । वोटर-लिस्ट में नाम ना होने को लेकर मतदाता के अंदर भारी रोष व्याप्त है । इसलिए आगे विधानसभा-चुनाव मे अयोग को विधिवत-रूप से काम करते हुए, इतनी बड़ी भूल का सुधार करना बहुत जरूरी है ।मतदाता-लिस्ट से दिल्ली के बहुत सारे दिव्यांग लोगों के भी वोटर-लिस्ट में नाम गायब थे । इस तरह दिल्ली के हर कोने से मतदान से वंचित लोगों में काफी गुस्सा है ।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ