भीषण गर्मी से बेहाल हैं जानवर, लेकिन ध्यान नहीं दे रहा शासन-प्रशासन
अजीजुद्दीन सिद्दीकी
झिलाही बाजार, गोण्डा। मनकापुर तहसील क्षेत्र में भीषण गर्मी, धूप तथा लू के थपेड़ों से मनुष्य ही नहीं पशु पछी भी बेहाल हैं। सुबह से लेकर शाम तक चल रही पछुआ हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस वक्त शादी विवाह चल रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिनके घरों में शादियां हैं। उन लोगों को लू तथा चिलचिलाती धूप के बीच बाजार व अन्य रिश्तेदारों के यहां भागदौड़ करना पड़ रहा है। गर्मी में सब्जियों की पैदावार पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है तथा सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
सब्जी की पैदावार कम होने से किसान ही काफी परेशान हैं और गर्म हवाओं का झोंका थमने का नाम नहीं ले रहा है। सबसे ज्यादा प्यास से परेशानी जानवरों को हो रही है, जो लोगों द्वारा छुट्टा छोड़े गए हैं, वे जैसे ही गांव तथा कस्बों में किसी भी ग्रामीण के दरवाजे पर पहुंचते हैं तो वह लोग उन छुट्टा जानवरों को पानी पिलाने के बजाय लाठी डंडा लेकर मारकर भगाने लगते हैं। अब यह छुट्टा जानवर जाएं तो कहां जाएं। इस भीषण गर्मी व आसमान बरस रही आग में अपनी प्यास बुझाने के लिए छुट्टा जानवर दर-दर भटक रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि जानवरों की प्यास कैसे बुझेगी जब सभी ताल तलैया भी सूखे हैं।क्या सरकार इन छुट्टा जानवरों के प्यास बुझाने की कोई व्यवस्था करेगी या इस भीषण गर्मी में छुट्टा जानवरों को उनके हाल पर छोड़ देगी।
आसमान से बरस रही आग व माहे रमजान में रोजा रखने वाले लोगों का भी बुरा हाल है, लेकिन रोजेदारों का कहना है कि अल्लाह हमारा इम्तिहान ले रहा है। यह गर्मी तो क्या इससे अधिक भी गर्मी हो और लू चले फिर भी रोजेदारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हम लोगों को अल्लाह की तरफ से भरोसा है। मोतीगंज बाजार व आसपास के क्षेत्रों के दुकानदारों को रमजान शरीफ शुरू होने पर ज्यादा भीड़ व बिक्री की उम्मीद थी लेकिन आसमान से बरस रहे आग व लू के चलते बाजारों में दुकानदारों की बिक्री पर भी असर पड़ा है। कुछ लोगों का कहना है कि हम लोग तो इंसान हैं। इस तपिश में पशु पक्षियों पर क्या गुजरता होगा जो पानी पीने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। लोगों ने बताया कि देखना है कि सरकार इन पशु पक्षियों के पीने के पानी की व्यवस्था करती है या नहीं?


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