तमाम इंसानों के लिए रहनुमा किताब है कुरआन : शाही इमाम
मोहम्मद रियाजुद्दीन
नवाबगंज, गोण्डा। नेकियों के मौसमे बहार का मुकद्दस (पवित्र) महीना है माहे रमजान। रहमतों की बरसात से भरपूर रमजान के पहले अशरे (भाग) में पवित्र माह की पहली एबादत नमाजे तरावीह में नवाबगंज के विभिन्न मस्जिदों में खत्म कुराने पाक की नूरानी महफिल सजाई गई। मस्जिद दारूल अमन कटी तिराहा में हाफिज मोहम्मद सैफ और मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत मोइनुल उलूम में कारी कुर्बान कादरी ने सैकड़ों नमाजियों की एमामत करते हुए अल्लाह का मुकद्दस कुरान सुनाने का सर्फ (गौरव) हासिल किया।
नूरानी महफिल को खिताब (सम्बोधित) करते हुए नवाबगंज के सुन्नी जामा मस्जिद के शाही इमाम कारी मोहम्मद शरीफ ने कहा कि कुराने करीम तमाम इन्सानों के लिए एक रहनुमा किताब है। कुराने करीम की तिलावत करने से मुसलमानों की दीन और दुनिया दोनों संवरती है। महफिल में हाफिज मोहम्मद शफीक ने नाते नबी का शानदार नजराने अकीदत पेश किया। नमाजियों ने नूरानी मौके पर अपने एमाम को नजराना और तोहफे पेश किए। हाफिज जुनैद, हाफिज मोहम्मद अब्बास, हाफिज बदरूददीन ने फातिहा ख्वानी को जीनत बख्शा। कारी कुर्बान कादरी ने अपने जन्नत नुमा मुल्क हिन्दुस्तान को दुशमनों की बुरी नजर से महफूज रखने और मुल्क में हमेशा अमन चैन कायम रहने के साथ हाजरीन की हर एक जायज तमन्नाएं पूरी करने की रब से खुशूशी दुआएं की।
इस मौके अब्दुल वहीद एडवोकेट, साबान अली हनफी, डॉक्टर शफीक अहमद, नबी बक्श कादरी, निसार खान, वली मोहम्मद खान, डॉक्टर एकबाल अहमद, सईद अंसारी, मोहम्मद इरशाद बाबू खान, हाजी मोहम्मद शफीक, भोंदू खान खासतौर पर मौजूद रहे।


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