आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। आज गुरुवार को जनपद के मुख्य चिकित्सा सभागार में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय डेंगू दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित रोग है। जो एडीज एडिप्ट नामक मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर की उत्पत्ति साफ और ठहरे पानी मे होता है।
डेंगू बीमारी के प्रमुख लक्षणों में अचानक सिर में तेज दर्द व बुखार, मांसपेशियों एवं जोड़ो में दर्द, आंखों के पीछे तेज दर्द होना जो आंखों के घुमाने से और बढ़ता है, जी मिचलाना और उल्टी होना और डेंगू के गम्भीर मामलों में नाक, मुंह व मसूढो से खून आना व त्वचा पर चकत्ते होना है। साथ ही इससे बचाव के लिए घर के अंदर कूलर, फ्रिज, फूलदान, गमलों के साथ घर के बाहर व छत पर कोई भी ऐसा सामान न रखे जिसमे पानी एकत्र हो। जिससे मच्छरों के लार्वा न पनप सके। यही से डेंगू का प्रसार होता है।
इसलिए हर सप्ताह ऐसे जगहो की साफ सफाई आवश्यक है। इसीलिए हर रविवार मच्छर पर वार के लिए लोगो को प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही मच्छरदानी का प्रयोग करे व फूल आस्तीन के कपड़े पहने एवं मच्छर रोधी क़वायल का सोते समय इस्तेमाल करे। इस बीमारी के होने पर बिना डॉक्टर के सलाह के दवाई का प्रयोग न करे। इसके साथ ही डेंगू दिवस के मौके पर जिला अस्पताल के सीएमएस पंकज टंडन द्वारा बताया गया कि इस बीमारी के बाबत जिला अस्पताल पर चार बेड का वार्ड निर्माण किया गया है। इसके प्रभावित के बढ़ने पर भविष्य में बेड की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।
इसके साथ ही जिला अस्पताल पर स्थापित सेंटिनल लैब में डेंगू की निशुल्क जांच उपलब्ध है। इस बाबत बैठक में सीएमओ हरगोविंद सिंह ने बताया कि डेंगू रोग के रोकथाम व बचाव हेतु सभी चिकित्सालयों को निर्देशित किया गया है कि सभी चिकित्सालयो में डेंगू वार्ड आरक्षित कर लिया है। इसके साथ ही संभावित रोगियों का डेंगू किट के माध्यम से जांच करवाकर चिकित्सा सुविधा को उपलब्ध करवाए। सामान्य रूप से जनसमुदाय में यह भय है कि प्लेटलेट काउंट कम होने पर अवधारणा बन गई है कि डेंगू बुखार हो गया है।
दस हजार प्लेटलेट्स काउंट होने तक कोई भी डरने की बात नही होती है। ऐसे मरीजों को डॉक्टरों की सलाह पर प्लेटलेट्स चढ़ाए भी जा सकते है। डेंगू के मरीजों को डिहाइड्रेशन से बचाये उन्हें प्रतिदिन 4 से 5 लीटर पानी को पिलाया जाए। साथ ही ओ0आर0एस0 घोल भी दिया जाए। इस डेंगू दिवस के अवसर पर डॉ आलोक कुमार, डॉ कपिलमुनि मिश्रा, डॉ मोहन झा, डॉ एस रहमान आदि ने भी प्रतिभाग कर अपने सुझावों से अवगत कराया।


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