अखिलेश्वर तिवारी
बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को लेकर शासन की एक अहम पहल
अब बालिकाओं के जन्म पर भी मनाई जाएगी खुशी
बलरामपुर ।। सामाज मे प्रचलित कुरीतियाँ एवं भेदभाव के कारण अक्सर बेटियां व महिलाएं स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या और आसमान लिंगानुपात को समाप्त करने और बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोंच में बदलाव लाने के लिए शासन ने पूरे प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना लागू किए जाने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार बेटियों एवं महिलाओं की स्वास्थ्य और शिक्षा की महत्ता को समझते हुये कई विभागों के सहयोग से कन्या सुमंगला योजना के रूप मे नयी पहल की जा रही है। इस पहल से बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा साथ ही साथ उन्हे आवश्यक टीके लग जाने से कई जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा भी प्रदान होगी। योजना के लागू होने से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की अवधारणा मजबूत होने के साथ महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। उत्तर प्रदेश शासन की प्रमुख सचिव मोनिका एस0 गर्ग ने शासनादेश जारी कर प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, बाल विकास, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा सहित महिला कल्याण निदेशालय को “कन्या सुमंगला योजना” लागू करने के लिए निर्देशित किया है।
कन्या सुमंगला योजना लागू होने पर मिलेगा छः श्रेणियों मे लाभ
योजना के तहत बालिका के जन्म होने पर 2000 रु0 एक मुश्त, बालिका के एक वर्ष तक के सभी टीका लग जाने के उपरांत 1000 रु0 एक मुश् कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरांत 2000 रु0 एक मुश्त, कक्षा छः मे बालिका के प्रवेश के उपरांत 2000 रु0 एक मुश्त, कक्षा नौ मे बालिका के प्रवेश के उपरांत 3000 रु0 एक मुश्त, ऐसी बालिकायें जिन्होने कक्षा 12वीं पास करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स मे प्रवेश लिया हो उन्हे 5000 रु0 एक मुश्त प्रदान किया जाएगा ।
कन्या सुमंगला योजना की पात्रता
बालिका का जन्म 01 अप्रैल 2019 व उसके बाद संस्थागत अथवा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा हुआ हो, बालिका की जन्म तिथि से छः माह के भीतर आवेदन किया जाना अनिवार्य है, लाभार्थी उत्तर प्रदेश का निवासी हो, पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रु0 3 लाख हो, किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा, लाभार्थी के परिवार में अधिकतम दो ही बच्चे हों, किसी महिला को दूसरे प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ मिलेगा, किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व दूसरे प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें ही होती हैं तो तीनों बालिकायें इस योजना की पात्र होंगी ।
योजना के लाभ के लिए आवश्यक अभिलेख
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र व्यक्तियों को बैक खाते के पासबुक की छाया प्रति, निवास प्रमाण पत्र, फोटो पहचान पत्र तथा आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
योजना का लाभ लेने के लिए कैसे करें आवेदन
प्राथमिक रूप से आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किये जाएंगे। परंतु ऐसे आवेदक जो ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने मे सक्षम नहीं हैं वे अपने आवेदन फार्म खंड विकास अधिकारी, एसडीएम, जिला परिवीक्षा अधिकारी के कार्यालय में आफलाइन भी जमा कर सकते हैं। आवेदन फार्म का प्रारूप विभागीय वेवसाइट अथवा कन्या सुमंगला पोर्टल से निःशुल्क प्राप्त किये जा सकते हैं।


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