सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों की हुई कार्यशाला
कार्यशाला में गर्भपात की मानीटरिंग पर हुई विधिवत परिचर्चा
आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। जनपद में जो भी चिकित्सालय गर्भपात के लिए पंजीकृत हैं, साथ ही गर्भपात की अर्हता रखते हैं। केवल वही गर्भपात करा सकते हैं। अगर कोई गैर पंजीकृत चिकित्सालय गर्भपात कराता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही साथ चिकित्सालय का लाइसेन्स भी निरस्त किया जा सकता है। कारण यह है कि अप्रशिक्षित चिकित्सक और अस्पताल में गर्भपात होने पर महिला की मौत भी हो सकती है।
उक्त बातें एनएचएम के द्वारा समेकित गर्भपात देखभाल पर आयोजित जिला स्तरीय बैठक को सम्बोधित करते हुए आईपास संस्था के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर प्रकाश चन्द्र ने उपस्थित सरकारी व प्राइवेट चिकित्सकों को सम्बोधित करते हुए कही।
प्रोजेक्ट एसोसिएट संदीप कुमार पाण्डेय, जपाइगो संस्था के डॉ विकास कौशल, डॉ संचिका व अश्विनी पाठक ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से समेकित गर्भपात देखभाल के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान एनएचएम के डीपीएम विनीत कुमार श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि जिले में जो भी प्राइवेट चिकित्सालय गर्भपात कराते हैं वे डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट सीएसी उत्तर प्रदेश डाट आईएन या डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट एसआईएफपीएसए डाट ओआरजी पर अपना पंजीकरण करवा लें। अन्यथा गर्भपात के दौरान पकड़े जाने पर गर्भपात कानून के अनुसार सजा दी जाएगी और अस्पताल का लाइसेन्स भी निरस्त होगा। आईएमए के डॉ अशोक कुमार चौधरी ने उपस्थित होकर सभी प्राइवेट चिकित्सकों को इस बात की जानकारी दिलाने का भरोसा दिलाया।
इन्हीं परिस्थितियों में हो सकता है गर्भपात
गर्भपात कराने की केवल 5 परिस्थितियां हैं। केवल इन्हीं परिस्थितियों में ही गर्भपात हो सकता है। जब गर्भवती महिला की जान को खतरा हो, मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा हो, गर्भस्थ शिशु के अन्दर मानसिक या शारीरिक विकृति हो, दुष्कर्म या जबरन संभोग से गर्भधारण हुआ हो, शादी शुदा दम्पति के द्वारा प्रयोग गर्भनिरोध का साधन विफल होने पर गर्भधारण हो गया हो।
आशा कार्यकर्ता को मिलती है प्रोत्साहन राशि
अगर सरकारी चिकित्सालय में आशा कार्यकर्ता किसी महिला को गर्भपात के लिए लाती है तो चिकित्सकीय विधि से गर्भपात पर उसे 150 रुपए तथा दवा विधि से गर्भपात पर 225 रुपए दिए जाएंगे। साथ ही गर्भपात के 12 दिन के अन्दर अगर वही आशा उस महिला को कापर टी या लूप लगवाती है तो आशा को 150 रुपये मिलेंगे तथा लगवाने वाले को 300 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलेंगे।


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