अमरजीत सिंह
अयोध्या। इस बार नोटा भी कुछ खास है। खास इसलिए है कि यह भाजपा, गठबन्धन व कांग्रेस के बाद चौथे नम्बर पर है। अन्य पाटियों व निदर्लीय के वोट काफी कम है। इस चुनाव में खास यह रहा कि भाजपा, सपा बसपा गठबंधन के बाद सबसे ज्यादा लोगों ने नोटा का विकल्प चुना है। लगभग करीब 9300 मतदाताओं ने किसी की प्रत्याशी को अपना मत न देते हुए नोटा (इनमे से कोई नहीं) का विकल्प चुना है।
नोटा से कम पाने वाले राजबहादुर उर्फ़ राजन पाण्डेय निर्दलीय, आशा देवी लोक दल, लाल मणि त्रिपाठी निर्दलीय, कंचन यादव मौलिक अधिकार पार्टी, कमलेश तिवारी निर्दलीय, शरद कुमार निर्दलीय, विजय शंकर पाण्डेय लोक गठबंधन पार्टी, मनोज कुमार मिश्र निर्दलीय, शेर अफगन भारत प्रभात पार्टी, महेश तिवारी शिवसेना है। 2019 के चुनाव में शिवसेना के महेश तिवारी को सबसे कम मत प्राप्त हुए है।


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