आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैसर क्षेत्र के नेतवापुर गांव में मीजल्स की शिकायत मिलने के बाद जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ ए के सिन्हा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की।
जांचोपरान्त मीजल्स की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद टीम ने स्लाइड आदि एकत्रित किए तथा गांव के लोगों के बीच खुजली व बुखार तथा डायरिया आदि की साधारण दवाओं का वितरण किया।
नेतवापुर गांव में मीजल्स की शिकायत पर बुधवार को जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ ए के सिन्हा के नेतृत्व में टीम पहुंची। टीम के सदस्यों ने गांव के लोगों से यह पूछा कि उन्हें क्या परेशानी है। लोगों ने खुजली और शरीर पर दाने निकलने की शिकायत की। जांच के दौरान यह पता चला कि 1 माह पहले गांव में कई लोगों को चिकन पाक्स हुआ था। दवा इलाज के बाद सही हो गया। लेकिन लोगों के अन्दर चिकन पाक्स बीमारी का भय पैदा हो गया था। इस बात की शिकायत गांव के लोगों ने स्थानीय आशा के साथ ही समाचार पत्रों को दिया था । मामला संज्ञान में आने के बाद टीम के सदस्यों ने जाकर मौके पर स्थितियों को देखा तथा खुजली व साधारण बुखार के साथ ही ओआरएस का वितरण गांव में कराया। साथ ही पैरासीटामॉल, सिट्रीजिन, बी काम्प्लेक्स, आयरन को गोली बांटी गई। वहीं आशा व एनएनएम व को गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने का निर्देश दिया गया। टीम में डॉ सलीम, पर्यवेक्षक खेदू पासवान, मृत्युन्जय गुप्ता, सतीश चन्द्र पाण्डेय, देवानंद, शशि कुमारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
‘‘हैसर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के नेतवापुर गांव में मीजल्स की शिकायत मिली थी। इसीलिए टीम मौके पर पहुंची थी। पता चला कि 1 माह पहले वहां पर कई लोगों को चेचक हुई थी। जिनको खुजली आदि की शिकायत थी उनको दवाएं दी गई हैं। कोई भी गंभीर स्थिति नहीं है। सब सामान्य रूप से चल रहा है।’’
डॉ ए के सिन्हा
प्रभारी, संक्रामक रोग



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