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गौवंशो की मौत के बाद जागा प्रशासन , लापरवाह जिम्मेदारो पर गिरी गाज


अमरजीत सिंह 

अयोध्या। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के पलिया माफी पशु आश्रय स्थल में थोक में गायों की मौत के बाद एक्शन में आए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन किए जाने के बाद जिला अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी पशु आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर स्वयं मानीटरिंग में जुट गए हैं। सोमवार को अलसुबह 5:30 बजे पलिया माफी पशु आश्रय स्थल पर पशु चिकित्सक की टीम पहुंच गई।और सुबह 10:00 बजे मिल्कीपुर उपजिलाधिकारी डीके शर्मा ने पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया।
    
इस दरमियान पशु आश्रय स्थल के किनारे लगे बाढ़ की साफ-सफाई दर्जनों सफाई कर्मी कर रहे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर पशु आश्रय स्थल के नोडल अधिकारी मिल्कीपुर के एडीओ पंचायत अशोक कुमार सिंह ने जेसीबी बुलाकर आश्रय स्थल के अंदर बजबजा रहे कीचड़ को साफ कराने की व्यवस्था शुरू की है। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनन्द को पता चला कि पशु आश्रय स्थल पर जानवरों को पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। टैंक में केवल बारिश का पानी है और वह इतना नीचे है कि वहां तक पहुंच नहीं सकते हैं। ऐसे में उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए नोडल  अधिकारी को तुरंत पंपिंग सेट लगाकर टैंक में पानी भराने की व्यवस्था करने को कहा। वहीं एसडीएम डीके शर्मा ने आश्रय स्थल पर बिजली कनेक्शन न होने पर नाराजगी जताते हुए बिजली विभाग के एक्सईएन को तुरंत कनेक्शन कराने का निर्देश दिया।
               
सोमवार को हैरिंग्टनगंज के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक शुक्ला को पशु आश्रय स्थल पर बीमार 15 जानवरों के इलाज के लिए बुलाया गया था। जबकि यह क्षेत्र पशु चिकित्सालय बारुन के अंतर्गत आता है। बताया गया कि पशु चिकित्सा अधिकारी बारुन के पद पर तैनात डॉ. शशि यादव ने मौके की नजाकत भांपते हुए 27 दिनों के अर्जित अवकाश लेकर खिसक लिया है।
हालांकि पलिया माफी पशु आश्रय स्थल पहुंचे हैरिंग्टनगंज पशु चिकित्सक ने 15 बीमार जानवरों को चार-चार लीटर ग्लूकोज चढ़ाया। ग्लूकोज चढ़ने के बाद 15 में से 8 जानवर उठ कर खड़े हो गए। पशु चिकित्सक ने पशु आश्रय स्थल के नोडल अधिकारी को जानवरों के लिए चूनी-चोकर/ अनाज की व्यवस्था कराने के लिए कहा है। साथ ही जानवरों के लिए दो बोरी यूरिया की भी व्यवस्था करने की बात कही गई है। पशु आश्रय स्थल पर सोमवार को भी निलंबित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी इच्छाराम प्रियदर्शी व्यवस्था देखते रहे।

     यह भी पता चला है कि मिल्कीपुर के डिप्टी सीबीओ डॉ. श्री कृष्ण को निलंबित किया गया है। जबकि पलिया माफी पशु आश्रय स्थल पर व्यवस्था की जिम्मेदारी बारुन पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ शशि यादव की थी।

    हालांकि इस पशु आश्रय स्थल के नोडल अधिकारी एडीओ पंचायत मिल्कीपुर अशोक कुमार सिंह की गैर जिम्मेदाराना व्यवस्था के चलते गायों की मौत होना बताया जा रहा है। ग्राम आदिलपुर निवासी सज्जन कुमार ने कहा कि बारिश के दौरान पशु आश्रय स्थल पर जानवरों की मौत होती रही और आश्रय स्थल के नोडल अधिकारी अशोक कुमार सिंह कई दिनों तक पशु आश्रय स्थल को देखने भी नहीं पहुंचे।
       
पलिया माफी पशु आश्रय स्थल पर हुई कई गायों की मौतों के बाद सेमरा निवासी अजय कुमार ने कहा कि यदि प्रशासन गायों के चारे पानी की व्यवस्था नहीं कर सकता तो उन्हें आश्रय स्थल से मुक्त कर देना चाहिए। कम से कम बाड़ के अंदर भूख प्यास से तड़प-तड़प कर तो नहीं मरेंगे।

 ये हुए सस्पेंड.
मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की सख्ती के बाद अयोध्या के पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें मिल्कीपुर बीडीओ यशोवर्धन सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मिल्कीपुर डॉक्‍टर श्रीकृष्ण, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पलिया माफी मिल्कीपुर इच्छाराम प्रियदर्शी, डॉ. उपेंद्र कुमार (कांजी हाउस प्रभारी अयोध्या), डॉक्‍टर विजेंद्र कुमार (गोशाला प्रभारी अयोध्या) के नाम शामिल हैं।
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