अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) बलरामपुर में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
5 जून को सुंदर दास राम लाल इंटर कॉलेज, बलरामपुर के छात्र-छात्राओं ने कंप्यूटर के पेंट प्रोग्राम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण विषय पर आकर्षक पेंटिंग बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स में वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को दर्शाया गया। इन चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की दैनिक जिम्मेदारी है। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, जल संकट और वन क्षेत्र में कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण प्रदान किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स की सराहना करते हुए उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सभी ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा जल एवं ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर डीपीआरसी के फैकल्टी हरकीरत सिंह, विनीत सागर एवं निधि चतुर्वेदी, मास्टर ट्रेनर योगेश तिवारी, बृजभूषण यादव, सबा खान, देवेन्द्र पांडेय, बाल कृष्ण शुक्ल, मीरा देवी, हिना रानी, दर्शन भारती, विधि तथा सुंदर दास राम लाल इंटर कॉलेज के शिक्षक लोकेश श्रीवास्तव सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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