शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ | कुंडा जेठवारा इलाके में सोमवार सुबह मारे गए वकील ओम मिश्र का शव 35 घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मंगलवार देर रात पोस्टमार्टम हाउस पहुंची जिले की प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह और कौशाम्बी के सांसद विनोद सोनकर को वकीलों का आक्रोश झेलना पड़ा। डीएम को हटाने की मांग पर अड़े वकीलों ने स्वाति और विनोद को खूब खरीखोटी सुनाई। दोनों ने डीएम को काम करने वाला बताया तो वकील बिफर पड़े। इसके बाद दोनों भाजपा नेता बैकफुट पर आ गए।
शव को कचहरी से पोस्टमार्टम हाउस ले जाने से पहले बार कौंसिल ऑफ यूपी के सदस्यों के बीच एसपी कार्यालय में देर रात तक बैठक हुई। परिजनों को दस लाख रुपये व कृषि बीमा के पांच लाख 30 हजार रुपये का चेक जल्द देने की सहमति बनी। ओम के चारों भाई व पत्नी को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया पूर्ण होने का भी भरोसा दिया गया।
कस्तूरबा विद्यालय में संविदा पर नौकरी देने की भी बात डीएम व एसपी ने कही। परिजनों को एसपी अभिषेक सिंह ने भरोसा दिलाया कि उन्होंने जिन बातों पर सहमति जताई है, वह हर हाल में पूरी होंगी। वकीलों ने डीएम को हटाने तक हड़ताल पर जाने की भी बात कही। वकीलों में शव उठाने को लेकर अलग-अलग राय दिखी। कुछ शव को पीएम के लिए भेजने को तैयार थे, तो कुछ इसके विरोध में भी दिखे। इस दौरान नारेबाजी भी हुई।

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