अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। सरकार द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम, संचारी रोग माह कार्यक्रम, सुमंगला योजना, ट्रान्जीशन 2019 चलाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में हाईस्कूल व इण्टर कालेजों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इन कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आहुत हुई जिसमें विभिन्न एजेण्डा विन्दुओं पर चर्चा की गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक महेन्द्र कुमार कनौजिया ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जनपद में माध्यमिक शिक्षा विभाग को 54 हजार 468 पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूर्ण करने हेतु प्रत्येक हाईस्कूल व इण्टर कालेजों में 400 पौधों का रोपण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि 09 अगस्त को वृह्द कार्यक्रम चलाकर समस्त विद्यालय अपने लक्ष्य को पूरा कर ले ।
सभी विद्यालय गड्ढा खुदाई का कार्य पूर्ण कर लें। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों को निःशुल्क पौधे ग्राम पंचायत से दिये जायेगें। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोग माह चलाया जा रहा है जिसमें कि अन्य विभागों की भी भूमिका निर्धारित की गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा हाईस्कूल व इण्टर कालेजों में रैलिया व वाद-विवाद प्रतियोगिता, पोस्टर आदि के माध्यम से बच्चों को व लोगो को जागरूक किया जाना है, इस कार्यक्रम में हाईस्कूल व इण्टर कालेजों द्वारा रैलिया आयोजित की जा रही है। प्रत्येक विद्यालय संचारी रोग से जुड़ी गतिविधियां व जागरूकता कार्यक्रम अवश्य चलाये व लोगो व बच्चों को जागरूक करने का कार्य करें।
जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा स्कूलों के शिक्षकों व प्रबन्धकों को कन्या सुमंगला योजना की भी जानकारी प्रदान की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि जनपद बलरामपुर आकांक्षात्मक जिला नीति आयोग द्वारा घोषित किया गया है। इसका प्रमुख कारण जनपद का शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा होना है। जनपद में कक्षा 8 के बाद बड़ी संख्या में बच्चों द्वारा पढ़ाई छोड़ दी जाती है व कक्षा 09 में प्रवेश नहीं लिया जाता है। जिला प्रशासन द्वारा कक्षा 8 से कक्षा 9 में शतप्रतिशत बच्चों का नामांकन का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए ट्रान्जीशन 2019 चलाया जा रहा है।
इसमें प्रत्येक ब्लाकों में खण्ड शिक्षा अधिकारियों व अन्य अधिकारियों को शतप्रतिशत नामांकन की जिम्मेदारी दी गई। इसमें हाईस्कूल व इण्टर कालेजों की भूमिका महत्वपूर्ण है। जिला विद्यालय निरीक्ष ने हाईस्कूल व इण्टर कालेज के शिक्षक व प्रबन्धक को विद्यालयों में अच्छा शैक्षणिक वातावरण बनाने को कहा कि विद्यार्थियों को जिला स्तर व प्रदेश स्तर पर आयोजित खेल-कूद प्रतियोगिता, शैक्षिक प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता आदि में भाग लेने के लिए प्रेरित किये जाने हेतु कहा।
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ला ने कहा कि इन समस्त कार्यक्रमों के सफल संचालन में हाईस्कूल व इण्टर कालेजों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। वृक्षारोपण कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम न मानते हुये व्यक्तिगत रुचि लेकर पूरा करें व इस कार्यक्रम में बच्चों का सहभागिता सुनिश्चित करें, बच्चों को पर्यावरण के महत्व के बारे में बताये। जो पौधे विद्यालयों में लगाये जा रहे है उनको पानी देना, उनकी सुरक्षा आदि की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को दी जाए जिससे उनका पर्यावरण के साथ लगाव हो। संचारी रोग नियन्त्रण माह के बारे मंे अपर जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकतर बीमारियां स्वच्छता की कमी के कारण होता है। बच्चों को स्वच्छता का महत्व शिक्षकों द्वार बताया जाए। बीमारियों से स्वच्छता रख कर बचाव किया जा सकता है। यह बातें बच्चों को शिक्षकों द्वारा बतायी जाए।
बच्चों को जल संरक्षण व जल के महत्व के बारे में बताया जाए व जागरूक किया जाए। विद्यालयों में अच्छा शैक्षणिक माहौल बनाया जाए, बच्चों के अन्दर वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न किया जाए। विद्यार्थियों को आने वाले उज्जवल भविष्य के लिए तैयार किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ल, जिला विद्यालय निरीक्षक महेन्द्र कुमार कनौजिया, डा0 एके0 पाण्डेय, हाईस्कूल व इण्टर कालेजों के शिक्षक व प्रबन्धक तथा अन्य संबन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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