तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध वसूली के आरोप में सस्पेंड किया गया दरोगा किया गया बहाल
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर चल रहे पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह की जगह शासन ने एटीएस लखनऊ के एसपी आरके नैयर की तैनाती गोण्डा में कर दी। यह खबर आते ही प्रभारी एसपी/ अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार ने आनन फानन में एक मुख्य आरक्षी समेत कुल 8 उपनिरीक्षकों को ताश के पत्तों की तरह फेंट डाला।
इसमें तीन चौकी प्रभारी भी शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि अवैध वसूली के आरोप में सस्पेंड किए गए लकड़मंडी चौकी इंचार्ज रहे महेंद्र प्रताप सिंह को भी एक माह के भीतर ही बहाल करते हुए देहात कोतवाली में तैनाती कर दी गई है।
नये पुलिस कप्तान की जिले में आमद से महज कुछ घंटे पहले किए गए इस फेरबदल पर सवाल खड़ा किया जा रहा है तथा महकमे में भी कानाफूसी शुरू हो गई है।
बताते चलें कि स्वास्थ्य कारणों से पिछले दिनों एसपी राकेश प्रकाश सिंह अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार को चार्ज देकर अवकाश पर चले गए। उनके आगामी 5 अगस्त तक वापस आने की उम्मीद थी। इस बीच बुधवार को एसपी श्री सिंह को हटाकर लखनऊ एटीएस के तेज तर्रार माने जाने वाले पुलिस अधीक्षक आर. के. नैय्यर को गोण्डा पुलिस अधीक्षक की कमान सौंप दी गई।
सूत्रों के अनुसार नये एसपी की पोस्टिंग की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक/प्रभारी एसपी महेंद्र कुमार ने नये कप्तान की जिले में आमद से महज कुछ घंटों पहले ही आनन फानन में महकमे को ताश के पत्तों की तरह फेंट डाला।
इस फेरबदल में पुलिस लाइन से सोम प्रताप सिंह की मोतीगंज थाना क्षेत्र की कहोबा चौकी का प्रभारी बना दिया गया, जबकि यहां के तेज तर्रार चौकी इंचार्ज श्याम निवास राय की तैनाती मोतीगंज थाने पर कर दी गई। इसी तरह एसएसआई जितेंद्र यादव को इटियाथोक थाने से हटाकर कोतवाली नगर की मिश्रौलिया चौकी का प्रभारी बना दिया गया और उमेश सिंह को यहां से हटाकर कोतवाली नगर में पोस्ट कर दिया गया। इसी तरह अरविंद कुमार वर्मा को कोतवाली देहात से हटाकर नगर कोतवाली की पाण्डेय बाजार चौकी का प्रभारी बना दिया और वसी अहमद को यहां से स्थानांतरित कर इटियाथोक थाने में तैनात कर दिया गया। वहीं पुलिस लाइन से मुख्य आरक्षी राजकिशोर की छपिया थाने में तैनाती की गई है।
अवैध वसूली में सस्पेंड चौकी इंचार्ज को भी किया बहाल
जनपद के नवाबगंज थाने की कमाऊ पुलिस चौकी लकड़मंडी के प्रभारी रहे महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा अवैध वसूली करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए उन्हें तथा दो आरक्षियों को सस्पेंड करते हुए पूरी चौकी लाइन हाजिर कर दिया था। यह बड़ी कार्रवाई 2 जुलाई को की गयी थी। अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी की गई गश्ती में महेंद्र प्रताप सिंह को बहाल करते हुए कोतवाली देहात में तैनात किया गया है। एएसपी द्वारा आनन फानन में किए गए इस फेरबदल को लेकर सियासी गलियारों, आमजन तथा पुलिस महकमे में ही सवाल उठाए जा रहे हैं! कानाफूसी की जा रही है कि आखिर ऐसी कौन सी विषम परिस्थिति आ गई थी जिसके चलते आनन फानन में दरोगाओं/चौकी प्रभारियों को हटाया गया? वैसे नये पुलिस अधीक्षक के जिले में आगमन से कुछ घंटे पहले किए गए इस फेरबदल पर सवाल उठना लाजिमी भी है। अब देखना यह है कि तेज तर्रार माने जाने वाले जिले के नये पुलिस कप्तान क्या एक्शन लेते हैं.?


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