ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। बुधवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर 48 थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापेमारी की गई जिसमें चार दुकानों को निलंबित किया गया, जबकि 26 दुकानों से खाद का नमूना गर्हित कर 6 दुकानदारों से स्पष्टीकरण तलब किया गया। इस कार्रवाई के बाद खाद दुकानदारों में हड़कम्प मच गया है।
जिलाधिकारी डॉक्टर नितिन बंसल के निर्देश पर जिले की चारों तहसीलों में छापेमारी के लिए टीम बनाकर कार्रवाई कराई गई। तहसील सदर एवं मनकापुर में उप कृषि निदेशक डॉ. मुकुल तिवारी एवं तरबगंज तथा करनैलगंज में जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव को नामित किया गया था। टीम ने कार्यवाही के दौरान पूरे जिले में 48 उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापेमारी की। 26 दुकानों से उर्वरक का नमूना ग्रहित किया। जिला कृषि अधिकारी द्वारा तरबगंज एवं करनैलगंज में 16 नमूना लेते हुए चार दुकानों को निलंबित किया गया। उप कृषि निदेशक द्वारा सदर एवं मनकापुर में 9 नमूना ग्रहित किया गया।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि उनके द्वारा निरीक्षण के दौरान कृषि सेवा केंद्र लव्वाटापरा बेलसर, जायसवाल किसान सेवा केंद्र बेलसर, शुक्ला खाद भंडार सुकुलगंज बेलसर एवं आजाद खाद भंडार बालपुर की दुकान का लाइसेंस निलम्बित किया गया है। उन्होंने बताया कि नमूने को प्रयोगशाला भेजा जा रहा है तथा जो दुकानें बन्द पाई गईं या उनके द्वारा सूचना, रेट बोर्ड, रखरखाव सही नहीं था, उन छह दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा ताबड़तोड़ छापेमारी से खाद के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। वहीं जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है। लगातार टीमों के द्वारा औचक निरीक्षण जारी रहेगा। किसी भी दशा में उर्वरकों में मिलावट या कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी।


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